जनपद पंचायत बिलाईगढ़ के ग्राम पंचायत गगोरी में सरपंच सचिव के मिली भगत से 14-15 वें वित्त की राशि का बंदरबांट

बिलाईगढ़:-छत्तीसगढ़ सरकार पंचायत के विकास के लिए अरोबों धन स्वीकृति कर रहा हैं जिससे हर पंचायत में विकास हो सके मुलभुत सुविधा जनता तक पहुंच सके लेकिन कुछ पंचायत शासन के धन राशि का दुरपुयोग कर नियम को ताख में रख कर 14-15 वें वित्त जैसे योजनाओं में निजी स्वार्थ को देखते हुए अपने रिस्तेदारों के नाम जोड़कर परिवारिक फायदे करवाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं दरअसल पुरा मामला ग्राम पंचायत गगोरी का हैं जहाँ सरपंच गोवर्धन साहू अपने खुद के नाम से वेंडर बता कर राशि आहरण किया और अपने पूरे परिवार को लाभ देकर गाँव को झुनझुना पकड़ा रहा है।
आप देख सकते गोवर्धन साहू किस प्रकार से स्वयं और अपने परिवार को लाभ दिया है।
सरपंच गोवर्धन साहू के नाम पर- चुना दस्त धुलाई 6000/-,मिट्टी मुरुम धुलाई 31600/-,मटेरियल सामग्री 31188/-,पे फोर गिट्टी धुलाई कार्य 9600/-


अपने भैया चंद्रराम साहू के नाम पर मजदूरी भुगतान के नाम से 25712/-
अपने भाभी धनेश्वरी साहू के नाम पर 5104/-
अपने पिता छतराम साहू के नाम पर 4224/-
अपने छोटे भाई चूरन लाल साहू के नाम पर 5104/-
अपने छोटी बहन हीराबाई साहू के नाम पर 4224/-
इसके अतिरिक्त स्ट्रीट लाइट हेतु भुगतान 150000/- Ramesh Enterprises को (15/09/2021)
हेण्डपम्प मरम्मत हेतु भुगतान 30000/-, SHAMBHU TUBEWELL MACANICAL को (15/09/2021)
पचरी निर्माण हेतु भुगतान 45000/- ,GURU KRIPA TRADERS को (15/09/2021)
पुलिया निर्माण हेतु भुगतान 40000/- GURU KRIPA TRADERS को (15/09/2021)
ग्राम पंचायत गगोरी सरपंच गोवर्धन साहू के पास न ही कोई फर्म है और न तो किसी प्रकार का वेंडर है। सरपंच गोवर्धन साहू ने खुद को लाभ पहुँचाने के मंसा से नान वेंडर रहते हुए और अपने पूरे परिवार को वेंडर बता कर फर्जी बिल सम्मिट कर उक्त तथ्य को अंजाम दिया है। जो कि 1993 पंचायती राज अधिनियम के धारा 40 को खुली चुनावती दे रहें हैं।




