रायकेरा सरपंच पर धोखाधड़ी के आरोप, अमान्य दस्तावेज से जीता चुनाव?”

रायगढ़। जिला रायगढ़ के घरघोड़ा अनुविभाग अंतर्गत ग्राम पंचायत रायकेरा की सरपंच श्रीमती सुलोचना मोमराज राठिया के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने चुनाव के दौरान एक अमान्य (एक्सपायर) जाति प्रमाण पत्र के आधार पर नामांकन दाखिल कर चुनाव लड़ा और निर्वाचित होकर पद भी ग्रहण कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित जाति प्रमाण पत्र 01 जनवरी 2019 को अस्थायी रूप से जारी किया गया था, जिसकी वैधता मात्र 6 माह तक सीमित थी। ऐसे में नामांकन के समय यह प्रमाण पत्र पूरी तरह अमान्य हो चुका था। इसके बावजूद उसके उपयोग को नियमों का उल्लंघन और प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी बताया जा रहा है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में पूर्व में भी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घरघोड़ा को आवेदन दिया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य के रूप में आवेदन में उम्र संबंधी विसंगति भी उजागर की गई है। पंचायत निर्वाचन फार्म में प्रत्याशी द्वारा वर्ष 2004 में अपनी आयु 37 वर्ष दर्शाई गई है, जबकि शैक्षणिक विवरण में वर्ष 1985 में 8वीं कक्षा उत्तीर्ण होना बताया गया है। दोनों तथ्यों के बीच स्पष्ट असंगति होने से उम्र संबंधी जानकारी की सत्यता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच पूर्ण होने तक सरपंच की वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों को स्थगित किया जाए। साथ ही, आरोप सिद्ध होने पर जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।
बताया गया है कि संलग्न दस्तावेज सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त किए गए हैं, जिससे मामले को और भी गंभीर माना जा रहा है।









