नगर के मध्य अवैध रूप से संचालित कबाड़ी एवं रिहायशी इलाकों में अवैध लाल ईंट भट्ठों से मानव जीवन संकटापन्न की स्थिति में।

सारंगढ़:-नगर के मध्य में कई जगहों पर अवैध रूप से कबाड़ी का कार्य बे रोकटोक संचालित हो रहा है, सारंगढ़ प्रताप गंज में देखा जा सकता है,जहां उससे नगर की जनता जिसे स्वास्थ्य एवं शांति पूर्ण बिना प्रदूषण के जीवन जीने का अधिकार प्राप्त है उनके जीवन पर संकट उत्पन्न हो रहा है,, इनके संचालन से प्लास्टिक,,पन्नी जैसे अवशिष्ट पदार्थ जहां वातावरण के जल मृदा वायु इत्यादि पदार्थों को दूषित कर सम्पूर्ण पर्यावरण को प्रदूषित कर रहे हैं,, वही दूसरी ओर इनके संचालन के लिए उपयोग में लाये जाने वाले भारी भरकम वाहनों से पूरा जन जीवन ,लोक मार्ग बुरी तरह प्रभावित हो जाता है जो कि एक तरह से दंड प्रक्रिया संहिता की तहत न्यूसेंस के रूप में भी प्रदर्शित होता है,,

इन कबाड़ियों के इस तरह बेरोकटोक अवैधानिक रूप के संचालन से मानव जीवन पर संकट उतपन्न होता है वहीं इन कार्यों के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश संहिताओं जैसे दंड प्रक्रिया,, नगर पालिका इत्यादि में दिए गए हैं परंतु संहिताओं के इन धाराओं का पालन संबधितों के द्वारा न किया जाना अपने आप मे एक बड़ा प्रश्रचिन्ह लगाता है,, कि क्या किसी का व्यक्तिगत स्वार्थ जनहित से बड़ा हो सकता है?
वहीं दूसरी ओर पूरे नगर के चारों ओर मानो आग लगी हो कि तर्ज पर अवैध लाल ईंट के भट्ठे धधक रहे हैं, नागरिकों को धुँए से कितनी परेशानी हो रही है यह तो आम जनता ही जानती है मगर अब तक इन अवैध भट्ठों पर लगाम न डालना भी संबंधितों की कार्यशैली को शक की नज़र में लाकर खड़ा करता है,, आखिर कार जनता कब तक इस तरह सारे नियमों के बावजूद अपने जीवन के सकंट के साथ जीती रहेगी,,सारे नियम कानून भी शाशन प्रशासन के द्वारा बनाये गए हैं पर मातहतों का जनहित में इसका क्रियान्वयन समझ और बर्दाश्त के परे है?
इसी तारतम्य में यहां यह भी उल्लेखनीय है कि जुनाडीह में स्थित अवैध लाल ईंट भट्ठे लगने से जंगली जानवरों को भी खतरा बढ़ गया है,, कुछ दिनों लगभग चार पांच दिनों पूर्व की ही बात है, एक भट्ठे के पास जंगली भालू आ गया था और इंसान से मुठभेड़ होते होते रह गयी,,वन विभाग को भी चाहिये कि इस निमित्त वह अपने दायित्वाधिन वन व वन्यजीवों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखते हुए आवश्यक कदम उठाए।।




