बड़ा खुलासा: सारंगढ़ जनपद में ‘फर्जी बिल’ का खेल? सरकारी खजाने में सेंध लगाने की बड़ी साजिश!

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार की दीमक सरकारी राशि को खोखला करने में जुटी है। बोर खनन, सबमर्सिबल पंप और पाइप फिटिंग के नाम पर पंचायतों में ऐसे संदिग्ध बिल लगाए जा रहे हैं, जिनकी हकीकत देखकर किसी के भी होश उड़ जाएं। एक ही नाम के ‘संदेहास्पद’ बिलों की बाढ़ ने पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।
GST गायब, पेन से काटा-छाँटी: क्या यह ‘सफेदपोश’ लूट है?
मामले की तह में जाने पर भारत बोरवेल्स इलेक्ट्रॉनिक्स नामक फर्म के बिलों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन बिलों की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें अनिवार्य GST (CGST/SGST) का कहीं अता-पता नहीं है।
1/ हैरानी की बात तो यह है कि बिलों में टैक्स के कॉलम को पेन से काटकर रफा-दफा कर दिया गया है।
2/ न तो कार्यस्थल का जिक्र है, न ही काम पूरा होने की तारीख।
3/ आखिर बिना पुख्ता विवरण के लाखों के भुगतान की तैयारी कैसे हो गई?
कागजों में ‘बोर’,जेबों में ‘माल’: जांच हुई तो खुलेंगे राज
नियमतः बोर खनन के बिलों में मशीन की गहराई, पाइप की संख्या, मोटर की क्षमता और माप का विस्तृत विवरण होना अनिवार्य है। लेकिन यहाँ तो खेल ही निराला है! सिर्फ एक मुश्त राशि लिखकर बिल थमा दिए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि यह फर्जी बिलिंग के जरिए शासकीय राशि के दुरुपयोग का बड़ा रैकेट हो सकता है।
क्या जिम्मेदार अधिकारी आँखें मूंदकर इन फर्जी कागजों पर दस्तखत कर रहे हैं? यदि इन बिलों की निष्पक्ष जांच हुई, तो पंचायतों में चल रहा भ्रष्टाचार का बड़ा ‘पुलिंदा’ खुलना तय है।
पंचायतों को ‘रेड अलर्ट’: लापरवाही पड़ी भारी, तो जाना होगा जेल!
विशेषज्ञों ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी सरपंच या सचिव बिना जांच-परख के इन संदिग्ध बिलों का भुगतान करेंगे, वे सीधे कानूनी रडार पर आएंगे।
सावधान! भुगतान से पहले ये जरूर जांचें:
1. GST नंबर:- क्या फर्म का जीएसटी नंबर वैध और सक्रिय है?
2. दस्तावेजी प्रमाण: – बिल पर कार्यस्थल, दिनांक और सामग्री का स्पष्ट विवरण है या नहीं?
3. भौतिक सत्यापन: – क्या बिल में दर्ज काम वास्तव में जमीन पर हुआ है?
सारंगढ़ जनपद में चल रहा यह ‘बिल कांड’ अब चर्चा का विषय नहीं, बल्कि जांच का मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन ‘कागजी बाजीगरों’ पर नकेल कसता है या भ्रष्टाचार का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।



