ग्राम पंचायत देवगांव का मामला,सिचाई नाली में जंगली पत्थर उपयोग , तकनीकी सहायक के देखरेख में हुआ निर्माण कार्य।

सारंगढ़ बिलाईगढ़ — सारंगढ़ जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत देवगांव के आश्रित ग्राम पठारी पाली में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी (मनरेगा) योजना कार्य के अंतर्गत सिचाई नाली निर्माण कार्य हुआ है ,जिसका लम्बाई लगभग 300 मीटर हैं ,आपको बता दें सिचाई नाली कार्य में ग्राम पंचायत द्वारा भारी भ्रष्टाचार कों अंजाम दिया गया हैं वहीं सिचाई नाली निर्माण कार्य कों कांक्रिट से बनाया जाना था जिसमें सरपंच द्वारा अनियमितता करतें हुए कांक्रिट के दीवाल अंदर सिचाई नाली में जंगली पत्थर डाला गया हैं, जो भारी अनियमितता कों दर्शाता हैं


यह कि सिचाई नाली आज कि स्थिति में बन कर पूर्ण हो चूका है लेकिन रोजगार सहायक द्वारा आज की दिनांक तक मस्टर रोल जनरेट किया जा रहा है जो की नियम यह नहीं कहता।
क्या कहतें हैं तकनिकी सहायक
ज़ब हमारे मिडिया टीम के द्वारा उक्त सिचाई नाली के बारे से तकनिकी सहायक नवल पटेल से पूछा गया कि पठारी पाली में बन रहें सिचाई नाली में पत्थर डालकर बनाया गया हैं तों उनका कहना था। कि मैं वहां गया था तो पत्थर नहीं डाला गया था और पूरा 24 के 24 दिन वहां नहीं जा पाउँगा, बाकी सरपंच देखरेख कर रहा था, सोचने वाली बात यह हैं की तकनीकी साहयक कार्य स्थल पर निरिक्षण के लिए पुरे दिन उपस्थित नहीं रहते है वहीं देखा जा सकता हैं कि तकनीकी सहायक के लापरवाही के वजह से सिचाई नाली निर्माण कार्य में भारी अनियमितता व भ्रष्टाचार किया गया हैं
क्या कहते कार्यक्रम अधिकारी
ग्राम पंचायत देवगांव पठारी में सोचाईनाली निर्माण कार्य में जंगली पत्थर के बारे कार्यक्रम अधिकारी युवराज पटेल कों अवगत कराया कि सिचाई नाली में पत्थर डाला गया है, कार्यक्रम अधिकारी युवराज पटेल का कहना था कि,अब कौन सा जंगली पत्थर लगा है उसको देखना पड़ेगा, अगर सिचाई नाली पत्थर से बनना था कि आपको SDO मेडम ही बता पाएंगे। कहकर गोल मोल जवाब दिया गया।
अब सोचिये कि सारंगढ़ जनपद में अधिकारी किस हद तक भ्रष्टचारों का साथ देतें है एक जिम्मेदार अधिकारी होने के बावजूद उनको ये यह नहीं है कि मनरेगा के अंतर्गत सिचाई नाली किससे बनना रहता है। और देवगांव पंचायत में बन रहें सिचाई नाली कों कैसे बनना है।
अब देखना यह हैं कि सम्बंधित अधिकारी इस भारी भ्र्ष्टाचार पर क्या कार्यवाही करतें हैं या फिर देवगांव पंचायत कों अभय दान देतें हैं।






