महासमुंद

सेवा सहकारी समिति लंहगर में हुआ फर्जी रकबा पंजीयन, प्रबंधक ने शासन क़ो लगाया 73 लाख रूपये का चुना?

अन्य कई समितियों के प्रबंधक़ो के उपर ऐसे ही मामले में हुए थे FIR दर्ज।

महासमुंद –  महासमुंद तहसील अंतर्गत आने वाले सेवा सहकारी समिति मर्यादित लंहगर में फर्जी रकबा पंजीयन का बड़ा मामला सामने आया हैं वहीं किसानों के नाम पर रकबा बढ़ोतरी कर फर्जी रकबा पंजीयन जैसे घोर लापरवाही किया गया हैं

धान खरीदी वर्ष 2023-24 में मंदिर जमीन के रकबा खसरा किसान तोषण कुमार सेन के किसान आई पर 21 हेक्टेयर रकबा फर्जी तरीके से चढ़ाकर पंजीयन कर 1133.20 क्विंटल धान बेचा गया है। जिसका कुल राशि 3512920 रूपये है।

वहीं और दो किसान रामेश्वर वैष्णव,एवं दाऊलाल चंद्राकर के नाम पर मंदिर जमीन क़ो सीधा पंजीयन कर लाखों रूपये का धान बेचा गया हैऔर सरकार क़ो क्षति पहुंचाया गया, रामेश्वर दास वैष्णव के नाम पर 9 हेक्टेयर जमीन का पंजीयन कर 470.80 क्विंटल धान बेचा गया, और दाऊलाल चंद्राकर के नाम 8.2400हेक्टेयर जमीन पर 261.60 क्विंटल धान बेचा गया। हाला कि यह दोनों किसान जमीन पर सर्वकारा है लेकीन पंजीयन क़ो फर्जी पंजीयन कहा जा सकता है क्यों कि पंजीयन अधिया रेगहा का होना था लेकीन अधिया रेगहा में न चढ़ा कर सीधा पंजीयन किया गया है जिससे सरकार क़ो लाखों रूपये का नुकसान उठाना पड़ा है। छत्तीसगढ़ सरकार के गाइड लाइन के अनुसार किसी भी संस्था, ट्रस्ट,अधिया रेगहा, मंदिर जमीन, शासकीय जमीन पर कृषक उन्नति योजना का लाभ नही ले सकता। आपको बता दे सेवा सकारी समिति में और अन्य किसानों के फर्जी पंजीयन कर कुल 73 लाख 56 हजार रूपये का फर्जीवाड़ा किया गया है

समिति प्रबंधक…. द्वारा किसानों के नाम से फर्जी रकबा पंजीयन जैसे गंभीर अनियमितता बरती गई हैं। और फर्जी रकबा बढ़ोतरी क़र सरकार को लाखों रूपये का क्षति पंहुचा गया हैं। जिसका बेजा लाभ प्रबंधक, ऑपरेटर और किसान इन तीनो व्यक्ति द्वारा उठा गया है।?

आपको बता दें समिति प्रबंधक द्वारा जानबूझ कर फर्जी रकबा पंजीयन में धान खरीदी किया गया, क्योंकि धान खरीदी समय ऋण पुस्तिका से रखबा मिलान कर धान खरीदी किया जाने का कलेक्टर द्वारा हिदायत दिया गया था, बावजूद भीं लंहगर प्रबंधक कृष्णा लाल साहू द्वारा धान खरीदी किया गया हैं।

क्या कहतें हैं समिति प्रबंधक

ज़ब मिडिया टीम नें उक्त विषय के बारे में प्रबंधक कृष्णा लाल साहू से जानना चाहा तो गोल मोल जवाब देते हुए फर्जी रकबा पंजीयन का आरोप तहसील कार्यालय के ऊपर आरोप लगाया गया।

अगर शासन सेवा सहकारी समिति मर्यादित लंहगर की जांच करती है तो निश्चित हीं इस समिति में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आएगा, जिससे की सरकार को लाखों की हो चुकी क्षति वापस मिल सके और इस समिति के कर्मचारियों पर FIR दर्ज क़र उनके द्वारा किये गए भ्र्ष्टाचार का उजागर हो सके।

KRISHNA MAHILANE

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