शासकीय उचित मूल्य की दुकान अजगरखार में चना का गबन,दुकान संचालक ने गरीबों के राशन पर डाला डाका।

महासमुंद – जिला अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत अजगरखार में शासकीय उचित मूल्य की दुकान क्रमांक – 582005043 में दुकान संचालक द्वारा हितग्राहियों को चना एवं शक़्कर वितरण में धांधली किए जाने का मामला सामने आया है। इस अनियमितता को लेकर गांव के ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
महासमुंद जिले में राशन कार्ड धारकों को चना वितरण में कटौती की जा रही है, जिससे राशन हितग्राहियों में नराजगी हैं। यह समस्या पिछले कुछ महीनों से चल रही थी,और इसका कारण शासन स्तर पर चना आपूर्ति के लिए नए वितरक से अनुबंध न हो पाना बताया जा रहा था, लेकीन नवम्बर से लेकर मार्च के चना मार्च 2025 में एक साथ शासकीय उचित मूल्य की दुकानों क़ो आबाँटन किया गया है, बावजूद चना क़ो अजगरखार PDS संचालक ने हितग्राहियों के साथ आँख में चोली खेलते हुए हितग्राहियों के 4 से 6 पैकेट चना क़ो गबन किया है! जबकि हितग्राहियों क़ो 5 माह का चना 10 पैकेट वितरण करना था।
अजगरखार ग्राम पंचायत के राशनकार्ड हितग्राहियों ने यह भी बताया कि चना वितरण की गड़बड़ी कोई पहली बार नहीं हुई। पहले भी राशन संचालक के द्वारा चना में कटौती किया जाता हैं लेकिन उच्च अधिकारी कभी जांच के लिए कभी नहीं आते जीससे इस PDS संचालक का हौसला बुलंद रहता हैं और अपने मनमानी से राशन वितरण करता है।
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गांव के भोले भाले राशन हितग्राहियों के नम आँखे और मायूस चेहरे लेकर मिडिया से अपने पीड़ा सुनाया की PDS संचालक के द्वारा चना की बात ही हटा दीजिए साहब इनके द्वारा तों शक़्कर भी बराबर मात्रा में नहीं दिया जाता, कभी किसी माह में शक़्कर दें दिया तों हमारे लिए बहुत हैं, 3 माह 4 माह में एक बार शक़्कर दिया जाता हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय राशन वितरण प्रणाली में इस तरह की लापरवाही और हेराफेरी से सरकारी योजनाओं की साख पर सवाल उठ रहे हैं। महासमुंद जिला प्रशासन को इस मामले में सूक्ष्मता से जांच कर दोषी संचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि गरीबों का हक सुरक्षित रह सके।
खबर प्रकाशित होने के बाद क्या कुछ कार्यवाही होती है देखने वाली बात होगी।
यह खबर सिर्फ सच्चाई एवं धांधली क़ो उजागर करने के लिए प्रकाशित किया गया है।




