कोरबा की राजनीति में वापसी की तैयारी? दागदार नेता फिर सुर्खियों में

कोरबा – कोरबा की राजनीति में एक बार फिर हलचल मची हुई है। कभी कांग्रेस शासन में रेत माफिया से जुड़े और गुंडा एक्ट जैसे गंभीर आरोपों का सामना कर चुके एक नेता की नई सक्रियता चर्चा में है।
अब जबकि राज्य में भाजपा की सरकार है, यह नेता धार्मिक संगठनों और प्रभावशाली बोर्डों से करीबी बढ़ाकर खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
जिस नेता को कभी कानून और प्रशासन की सख्ती का सामना करना पड़ा था, वह आज स्थानीय संस्थानों की छांव में राजनीतिक जमीन तलाश रहा है।
राजनीति में बदलते चेहरे, सत्ता के हिसाब से रिश्ते?
कभी कांग्रेस से निकटता, अब धार्मिक संगठनों के ज़रिए भाजपा शासन में एंट्री — यह बताता है कि राजनीति में विचारधारा नहीं, मौके चलते हैं।
प्रशासन की चुप्पी और राजनीतिक दलों की खामोशी भी कई सवाल खड़े करती है।
क्या यह बदलाव सोच-समझकर हो रहा है या फिर सियासी मजबूरी में आंखें मूंदी जा रही हैं?
कोरबा की जनता इस बदलाव को गौर से देख रही है।




