सेवा सहकारी समिति मर्यादित जयरामनगर में हुआ फर्जी रकबा पंजीयन
प्रबंधक और ऑपरेटर के सह से शासन को लाखों रूपये की नुक्सान


बिलासपुर – मस्तूरी तहसील अंतर्गत आने वाले सेवा सहकारी समिति मर्यादित जयरामनगर में फर्जी रकबा पंजीयन का बड़ा मामला सामने आया हैं। किसानों के नाम पर रकबा बढ़ोतरी कर फर्जी पंजीयन जैसे घोर लापरवाही किया गया हैं
वर्ष 2023-24 में किसान कोड TF4001230100347 पूर्णिमा साहू पति राजेश साहू ,के नाम पर 110 क्विंटल धान अन्य किसानो के रकबा खसरा फर्जी तरीके से चढ़ाकर पंजीयन कर धान बेचा गया है। और गंभीर अनियमितता बरती गई है। समिति प्रबंधक ज्ञान प्रसाद व ऑपरेटर द्वारा किसानों के नाम से फर्जी रकबा पंजीयन जैसे घोर लापरवाही किया गया हैं? और फर्जी रकबा बढ़ोतरी कर सरकार को लाखों रूपये का क्षति पंहुचा रहा हैं।
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ट्रस्ट के जमीन को किसान फादरवर्गीसतेरबेकूट पिता पीलीपोस के नाम से 27.3180 हेक्टेयर जमीन को फर्जी रकबा पंजीयन कर उसमें धान बेचकर लाखों रूपये का बेजा लाभ लिया गया है
किसान – फादरवर्गीसतेरबेकूट से उक्त फर्जी रकबा पंजीयन के बारे से जानना चाहा तो उनका था कहना था कि छत्तीसगढ़ के किसान रजिस्ट्रेशन और किसान पंजीयन कार्ड है, जिसके अनुसार संस्था की जमीन को लीज में लिया गया है
यहां पर प्रबंधक और तहसील कार्यालय का साफ लापरवाही देखा जा सकता है, क्योंकि अगर किसान ट्रस्ट के जमीन को लीज पर लिया गया है तो ट्रस्ट वाले जमीन को अधिया रेघा में चढ़ानें के बजाय सीधा पंजीयन कर दिया गया है, जिससे किसान को लाखों रूपये का बोनस राशि प्राप्त हुआ। और शासन को लाखों रूपये का भारी नुक्सान पंहुचाया है। वहीं प्रबंधक द्वारा शासन को इस फर्जीवाड़ा के सम्बन्ध में अवगत कराया गया रहता तो शासन को एक भारी क्षति होने से बचाया जा सकता था।
आपको बता दें समिति प्रबंधक द्वारा जानबूझ कर फर्जी रकबा पंजीयन में धान खरीदी किया गया, क्योंकि धान खरीदी समय ऋण पुस्तिका से रखबा मिलान कर धान खरीदी किया जाने का कलेक्टर द्वारा आदेश जारी किया गया था, बावजूद भीं ज्ञानप्रसाद प्रबंधक द्वारा धान खरीदी किया गया हैं
क्या कहतें हैं समिति प्रबधक
ज़ब मिडिया टीम नें उक्त विषय के बारे में जज्ञानप्रसाद से जानना चाहा तो गोल मोल जवाब देने लगा। और वहीं ऑपरेटर द्वारा अपने लापरवाही मानने लगा कि भूल वस नरेंद्र कृति कुमार का रकबा किसान पूर्णिमा के किसान ID पर अधिया रेघा में नहीं चढ़ा पाया हूँ।
यहाँ पर देख सकतें है प्रबंधक ऑपरेटर के भूल से शासन को लाखों रूपये का क्षति पहुंचाया गया है




