ग्राम पंचायत खैरा छोटे में वित्त क़ी राशि का बंदर बांट, क्या अधिकारी भीं है संलिप्त?

सारंगढ़/ हमेशा से ही सुर्खियों में रहने वाले ग्राम पंचायत खैरा छोटे जो वित्त कि राशि गबन करने और कई भ्र्ष्टाचार में संलिप्त रह चूका है, जिस पर ग्राम पंचायत के सरपंच को बर्खास्त भीं किया गया था।
एक बार वहीं किस्सा दोहराने लगा है ग्राम पंचायत खैरा छोटे का वर्तमान सरपंच ?
हमने पिछले खबर के द्वारा आप सभी को दिखलाया था क़ी सारंगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत खैरा छोटे में कैसे वित्त क़ी राशि को फर्जी बिल जनरेट कर आहरण किया गया था. जिसमें अभी तक जनपद पंचायत सारंगढ़ के अधिकारियो द्वारा उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है.। क्या जनपद के कर्मचारी इस भ्रष्टाचार में संलिप्त है? या कर्मचारियों का इस भ्रष्टाचार में कोई अहम भूमिका है? सूत्रों के माने तो वित्त क़ी राशि को सरपंच द्वारा आहरण किया जाता है और जनपद के कर्मचारियों का परसेंटो में हिस्सा बंधा हुआ है। क्या यहीं कारण है कि ग्राम पंचायत खैरा छोटे में कार्यवाही से अधिकारी पीछे हट रहें है। सरपंच द्वारा उन कार्यों का बिल जनरेट करवाया गया है जो कार्य ग्राम पंचायत में हुआ ही नहीं है? गांव के कुछ लोगों का कहना है कि कोई भीं ऐसा कार्य नहीं हुआ है जिसका बिल जनरेट किया गया है । सरपंच सचिव के मिलीभगत से ऐसा भ्र्ष्टाचार को अंजाम दिया जाता है, सचिव सरकारी कर्मचारी होने के बावजूद चंद रुपयों के लालच में आकर भ्रष्टाचार को रोकने के बजाय भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है।
क्या है एक्सन प्लान
आपको बता दें ज़ब वित्त क़ी राशि को आहरण किया जाना रहता है तो सरपंच द्वारा जनपद पंचायत में एक्शन प्लान जमा करना रहता है (मांग पत्र ) जिसको जनपद द्वारा आन लाइन किया जाना रहता है। फिर आप दिए गए मांग पत्र में कार्य के आधार से वित्त क़ी राशि को बिल जनरेट करवा कर वेंडर के जरिये राशि आहरण कर सकतें है।
क्या ग्राम पंचायत खैरा छोटे का एक्सन प्लान (मांग पत्र ) जमा है?
या वित्त कि राशि आहारण किया गया है वो पूरी तरह से फर्जी है?




