सारंगढ
गुरू घासीदास जयंती पर भक्तिमय रहेगा छत्तीसगढ़

सारंगढ़ बिलाईगढ़, 17 दिसंबर 2023/ 18 दिसंबर को गुरू घासीदास जयंती के अवसर पर सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ गुरु घासीदास जी की भक्ति भावना से भरा होगा। सारंगढ़ के पुष्प वाटिका में पिछले 2 दिनों से बाबा के भक्तिमय गानों और नृत्य से अंचल के सतनामी समाज उत्सव मना रहे हैं। उल्लेखनीय है कि किवंदित है कि बाबा गुरु घासीदास जी को जगन्नाथ पुरी यात्रा के समय सारंगढ़ अंचल में ही ज्ञान की अनुभूति प्राप्ति हुई जिसके बाद वे गिरौदपुरी लौट कर तप करने लगे। छत्तीसगढ़ में ‘सतनाम पंथ’ की स्थापना हुई। इस संप्रदाय के लोग उन्हें अवतारी पुरुष के रूप में मानते हैं। गुरु घासीदास के मुख्य रचनाओं में उनके सात वचन सतनाम पंथ के ‘सप्त सिद्धांत’ के रूप में प्रतिष्ठित हैं। इसलिए सतनाम पंथ का संस्थापक भी गुरु घासीदास को ही माना जाता है।




