सारंगढ़ बीएमओ निजी क्लीनिक में व्यस्त,,समुदायिक केंद्र अस्त,पस्त!

सारंगढ़:-सारंगढ़ अधिकारी कर्मचारी से लेकर कई विभाग के सहायक कर्मचारीगण हड़ताल में है, उप स्वास्थ्य केंद्रों में ताले लग गए है ऐसे विकास खंड चिकित्सा अधिकारी की अहम और सूझबूझ से पूरा विकासखंड के लोगो का स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी हो जाता है लेकिन यहाँ कुछ उल्टा देखने को मिल रहा बीएमओ साहब तो निजी क्लीनिक में इलाज करने में व्यस्त है जबकि साहब चाहते तो समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बैठकर इलाज कर सकते है किंतु साहब को पैसा कमाना मकसद लग रहा है अस्पताल से ज्यादा समय क्लिनिक में बैठते है साहब,अगर साहब अस्पताल में रहते तो वही इलाज हो सकता है, लेकिन क्लिनिक में अपना फीस निर्धारित कर क्लीनिक से मोटी रकम कमाई का जरिया बना रखा है।
समुदायिक स्वास्थ केंद्र हुआ बदहाल
चूंकि साहब तो निजी क्लिनिक में लोगों का इलाज करने में लगे हुये है तो कैसे होगा अस्पताल का देखभाल रोजाना जितने मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाते है उतने मरीज बीएमओ साहब के निजी क्लिनिक में मरीज इलाज के लिए जाते है स्वास्थ्य केंद्र से बीएमओ साहब की घर की दूरी मुश्किल से लगभग 200 मीटर की होगी और प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उनके निवास स्थान जाकर प्राइवेट इलाज कराते है अगर बीएमओ साहब जितनी बखूबी से अपने निजी स्थान पर कर इलाज करते है उतने ही बखूबी से अगर हॉस्पिटल में रहकर करते तो सारंगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत रायगढ़ जिला मे सबसे उच्च स्थान पर होता लेकिन क्या करे,, बाप बढ़े ना भैया सबसे बड़ा रुपैया ,,के कथन के अनुसार चल रहे है अपने निजी संस्थान में वही सर्दी ,बुखार,टूटी हुई हड्डी , सीने मे दर्द,पेट मे दर्द ,जैसे अनेकों बीमारियों का बेहतर इलाज की सेवा पूरे मन से साहब दे रहे है अगर वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना दायित्व निभाते तो आज समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बेहतर होती, स्वास्थ केंद्र में साफ सफाई हो ना हो मरीज को सही उपचार मिले या ना मिले उचित सुविधा मिले या ना मिले किसी तरह की कोई परवाह नहीं उन्हे तो सिर्फ अपने निजी इलाज की कमाई से फुर्सत नहीं, चिकित्सक के भरोसे छोड़ दिए है बीएमओ साहब कभी दिनभर में थोड़ा समय मिल जाए तो अस्पताल की ओर रुख कर लेते है ताकि कोई नही बोल सके साहब तो आते नहीं उनके क्लीनिक मे ही लगे रहते है ,ये सवाल उठ ना जाए ये सोचकर दिनभर मे एक दो बार दिखावे के लिए पहुंच जाते है और आंख मूंद कर बाहर आ जाते है




