हड़ताली कर्मचारियों का कटेगा वेतन, राज्य सरकार हुई सख्त

रायपुर:-आठ दिन से बैठे हड़ताल पर कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध सरकार तेवर कड़ा कर लिया है सामान्य प्रसाशन वीभग(जीएडी) ने हड़तालियों का वेतन काटने का आदेश जारी कर दिया है साथ विभागों को हड़तालियो के विरुद्ध सर्विस ब्रेक सहित नियमानुसार अन्य अनुशासनात्मक कार्यवाही के भी दिए निर्देश।
महंगाई भत्ता (डी ए) और गृह भाड़ा(एचआरए) की मांग को लेकर राज्य के चार लाख से ज्यादा कर्मचारी ,अधिकारी 22 अगस्त से हड़ताल पर बैठे हुए है, इसके कारण राज्य में सरकारी कामकाज प्रभवित हो रहा है बताते चले कि इन दो सूत्री मांगो को लेकर कर्मचारी फेडरेशन के नेतृत्व में चरणबद्ध आंदोलन चल रहा है इससे पहले कर्मचारी अधिकारी 25 से 29 जुलाई तक सामुहिक अवकाश पर चले गए थे इस आंदोलन में शामिल कर्मियों का भी वेतन काटने का आदेश जीएडी ने किया था।
दोनों आंदोलन में शामिल कर्मी माने जाएंगे अनुपस्थित…
जीएडी के आदेश के अनुसार ऐसे कर्मि जो 25 से 29 जुलाई तक हड़ताल में थे और 22 अगस्त से निरंतर हड़ताल में है उन्हें अनुपस्थित माना जायेगा इन पर 10 अगस्त 2006 को जारी परिपत्र के अनुसार कार्यवाही की जाएगी इस परिपत्र के अनुसार बिना पूर्व स्वीकृति के सामुहिक अवकाश या हड़ताल पर जाने वालों को वेतन इत्यादि देय नही होगा। न ही इस प्रकार की अनुपस्थिति के दिवसों का अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
25 से 29 जुलाई वालो को मिल सकता है वेतन,लेकिन…..
जीएडी के अनुसार 25 से 29 जुलाई तक हड़ताल में शामिल ऐसे कर्मचारी-अधिकारी जो 22 अगस्त से शुरू हुई हड़ताल में शामिल नही है उनका वेतन नही काटा जाएगा ऐसे कर्मचारियों का 25 से 29 जुलाई तक अवकाश स्वीकृत कर वेतन दिया जाएगा।किंतु जो वर्तमान में भी हड़ताल में शामिल है उनका उस अवधि का वेतन काटा जाएगा।
हड़तालियो पर होगी अनुसाशनात्मक कार्यवाही…..
सरकार बढ़ा चुकी है छः प्रतिशत डीए…..




