राष्ट्रीय नृत्य प्रतियोगिता में मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों की कथक नृत्य तबला और शास्त्रीय गायन की शानदार प्रस्तुति


सारंगढ़ :- कला विकास केंद्र बिलासपुर में पहली बार ऑल इंडिया कल्चर आर्ट कंपटीशन राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता आयोजित बड़े-बड़े महागुरुओं के निर्देशन में रखा गया। जिसमें कला को, और कला से जुड़े आयामों एवं कला में समर्पित छात्र छात्राओं को एक राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा बिखेरने का अवसर प्राप्त हुआ। इस जिले के प्रसिद्ध संस्था मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के कुल 22 छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर कथक नृत्य, शास्त्रीय गायन, एवं तबला, इन विधाओं में भाग लिये।

इन विद्यार्थियों को कत्थक नृत्य निर्देशन गुरु प्रीति रूद्र वैष्णव एवं रूद्र प्रीति वैष्णव गायन और तबला पर प्राचार्य एल.डी. वैष्णव के सानिध्य से प्राप्त हुआ। मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के प्राचार्य एल.डी. वैष्णव एवं गुरु शरद वैष्णव सहित सभी बड़े गुरुओं के आशीर्वाद से राष्ट्रीय मंच पर अपनी सफल प्रस्तुति देकर छात्र-छात्राओं ने उचित स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का अमिट छाप एक राष्ट्रीय मंच पर छोड़ा। माँ वैष्णवी संगीत महाविद्यालय सारंगढ़ एवं रायगढ़ के साथ साथ गुरुओं, माता पिता एवं पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चिन्हांकित किये। उचित स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी जिसमें अवनी त्रिपाठी, दीपांशी पांडे, जी. अनीशा, सोलो कत्थक में प्रथम स्थान प्राप्त किये। एवं सौम्या नामदेव, सुरुचि बंजारे ने द्वितीय स्थान प्राप्त किये।

एवं पी.तनिष्का एवं निहारिका भारद्वाज ने तृतीय स्थान प्राप्त किये। साथ ही साथ लावण्या देशमुख एवं प्राप्ति व्यास, देविका भगत एवं पूर्वी भगत इन प्रतिभागियों ने कथक नृत्य जुगलबंदी में प्रथम स्थान प्राप्त किये। मधुरा वी थोड़गे एवं युग रत्नम कथक जुगलबंदी में द्वितीय स्थान प्राप्त किये। साथ ही साथ समूह कथक नृत्य में आयुषी साव,श्रेया सी डोमकुंडवार, सिद्धि मनोज कंटक, एवं कनिहा लैजू उन्नि ने प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे जिले का नाम रोशन किये। गायन में नौसागर चौधरी एवं उत्तम बरेठ ने सारंगढ, द्वितीय स्थान प्राप्त किये एवं तबले पर तनिष्क चौहान प्रथम स्थान प्राप्त किये, एवं वंश अग्रवाल द्वितीय स्थान प्राप्त कर मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय का नाम रोशन किये। उक्त गरिमामय प्रतियोगिता में कथक नृत्य के साथ संगत पर कथक के पढ़ंत में गुरु प्रीति वैष्णव, तबले पर गुरु शरद वैष्णव, एवं गायन में लालाराम लोनिया, तथा शास्त्रीय गायन एवं तबला सोलो में संगत, प्राचार्य एल डी. वैष्णव कर रहे थे। विजेताओं को अंतर्राष्ट्रीय कला गुरु बसंती वैष्णव एवं कला गुरु पंडित सुनील वैष्णव जी तथा प्राचार्य एल डी. वैष्णव का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। एवं कला विकास केंद्र के राष्ट्रीय मंच पर कला में समर्पित प्राचार्य एल.डी. वैष्णव जी को कला रत्न से सम्मानित किये।




