कोरोना काल में 1500 करोड़ से अधिक का चावल घोटाला किया है कांग्रेस ने मोदी जी का लाखों टन चावल खा गए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल,निष्पक्ष जांच हो…प्रकाशनाथ

जिला गौरेला :-केंद्र द्वारा गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत आबंटित किये गये चावल का छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार द्वारा किये गये घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी जिला गौरेला पेण्ड्रा मरवाही की प्रेस कांफ्रेंस जिला भाजपा कार्यालय में सम्पन्न हुई.भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष मा.श्यामबिहारी जायसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया की प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही लगातार घोटाले पर घोटाले किये जा रहे हैं। अफ़सोस की बात यह है कि वैश्विक महामारी कोरोना के समय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा भेजे गए चावल में भी कांग्रेस सरकार ने बड़ा घोटाला कर लिया है। भाजपा द्वारा बार-बार ध्यान दिलाने के बावजूद भी कांग्रेस ने यह घोटाला जारी रहा है, यह अफसोसनाक है।
यह सर्वविदित है की कोरोना महामारी के संक्रमण काल मे प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी जी ने गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत देश के 80 करोड़ बी. पी. एल.राशन कार्डधारकों के परिवारों को माह नवम्बर तक पांच किलो चांवल अतिरिक्त देने आबंटित कर भेजा है लेकिन अन्य तमाम केन्द्रीय योजनाओं की तरह ही इसका लाभ भी जनता तक पहुचाने के बजाय कांग्रेस हड़प रही है। यह अपने आप में एक बड़ा घोटाला है।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत केंद्र से हर महीने 1 लाख 385 टन अतिरिक्त आवंटन किया जा रहा है. प्रति व्यक्ति 5 किलो चावल प्रति महीने के मान से इससे दो करोड़ से अधिक लोगों को हर महीने यह लाभ मिलना था. लेकिन इसमें से मुश्किल से एक तिहाई लोगों तक यह लाभ पहुंच रहा है. करीब 1.5 करोड़ गरीबों के मूंह से निवाला छीना है कांग्रेस सरकार ने।
पूर्व स्वास्थ मंत्री,विधायक एवं अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी ने बताया की विधनासभा में नेता प्रतिपक्ष श्री धरमलाल कौशिक, विधायक एवं प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष श्री शिवरतन शर्मा, पूर्व खाद्य मंत्री श्री पुन्नुलाल मोहले समेत भाजपा विधायकों के सवाल के जवाब में शासन ने स्वीकार किया है कि प्रति माह 1 लाख 385 टन अतिरिक्त चावल केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ को आवंटित किया जा रहा है।
प्रदेश में प्राथमिकता समूह के राशन कार्ड पर मई से नवम्बर 2021 तक के लिए 5 किलो प्रति सदस्य के मुताबिक 7 लाख मीट्रिक टन से अधिक चावल का आवंटन छत्तीसगढ़ शासन को मिला, परन्तु उसका लाभ यहां ज़रूरतमंद हितग्राहियों तक कांग्रेस सरकार ने नहीं पहुंचाया है, इस आवंटन का अधिकांश चावल कांग्रेस खा गयी है। केंद्र सरकार द्वारा जहां प्रति व्यक्ति प्रति महीने 5 किलो चावल राज्य को दिया गया, परंतु सरकार ने ऐसे राशन कार्डधारी जिनके परिवार में 1, 2 और 3 सदस्य तक हैं, उनको यह अतिरिक्त चावल नहीं दिया। राशनकार्ड धारी हितग्राही को निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न प्राप्त होने की शिकायत निरंतर प्राप्त हो रही है। यह शेष अनाज कहां जा रहा है, यह जांच का विषय है। यहां तक कि शासन के एक मंत्री ने इस बड़ी ‘गड़बड़ी’ को स्वीकार भी किया था, लेकिन ऐसे घोटाले जारी हैं।
औसतन एक राशन कार्ड पर तीन से चार सदस्य होते हैं, जिसमें 1, 2 और 3 सदस्यों तक वाले राशनकार्ड पर यह लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस मान से अगर एक मोटा अनुमान लगाया जाय तो लगभग दो तिहाई लोगों के हिस्से का चावल गबन कर लिया जा रहा है। यानी गरीबों के हिस्से का लगभग पांच लाख टन चावल राज्य सरकार हड़प गयी है। इससे पहले भी राज्य शासन ने पंचायतों को दिए एक-एक क्विंटल चावल की कीमत 32 सौ रुपये प्रति क्विंटल वसूल किया था जबकि कांग्रेस उसे मुफ्त देने की बात कर रही थी। अतः चावल का सरकारी रेट 32 रुपया किलो के मान से मोटे तौर पर यह घोटाला 15 सौ करोड़ से अधिक का है।
जिला भाजपा अध्यक्ष मा.विष्णु अग्रयाल ने कहा
भाजपा यह मांग करती है कि :-
केंद्र द्वारा आवंटित अतिरिक्त चावल दाना-दाना हितग्राहियों तक पहुचाये जाये।
अभी तक जो चावल नहीं दिए गए हैं, उसका नगद भुगतान किये जायें।
गरीबों का निवाला छीनने वाले इस घोटाले के लिए कांग्रेस प्रदेश की जनता से माफी मांगे.
इस घोटाले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो. दोषियों को कड़ी सजा मिले.
अपने इन मांगों को लेकर भाजपा 7-8 अक्टूबर को प्रदेश के राशन दुकानों पर 3 घंटे का धरना देगी.
इस प्रेस वार्ता के दौरान जिला उपाध्यक्ष बृजलालसिंग राठौर,दिलीप यादव,महामंत्री रामजी श्रीवास,जिला मीडिया प्रभारी बालकृष्ण अग्रवाल,मंत्री नीरज जैन,गोमती द्विवेदी,कन्हैया सिंग राठौर,मण्डल अध्यक्ष मनीष अग्रवाल,डॉ.लूसनसिंग राठौर,पुष्पेंद्र त्रिपाठी, तापस शर्मा,मनोरमा गुप्ता,सुनील शुक्ला नान्हू,लक्ष्मी पेन्द्रों,अशोक पेन्द्रों,लीमेश्वर कुशवाहा,गया जायसवाल,हुकुम यादव,वीरेंन्द्र विश्वकर्मा हरबंश सिंग, दुर्गेश यादव, सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे.