सारंगढ़ स्थित नया तालाब हुआ प्रदूषण से लाबालब, कारण बना सूरज होटल..!

सारंगढ़:- सारंगढ़ तालाबों का शहर कहा जाता है, इसी के कारण इसे पानी की नगरी कहा जाता है। कहने को सारंगढ़ में एक से बढ़कर एक तालाब हैं लेकिन कुछ व्यापारी इसे प्रदूषित करने का कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। एक समय जहाँ सारंगढ़ का पानी जो जनता जनार्दन पीने के लिए इस्तेमाल किया करती थी,वहीं आज के समय मे वही नया तालाब पूरी तरह से लाबालब भरा हुआ है। अवशिष्ट पदार्थो एवं गंदगी से,जो उसके किनारे स्थित सूरज होटल के कारण जो बस स्टैंड और तालाब के किनारे पर है, नया तालाब का वर्तमान दुर्दशा और हालत सूरज होटल सहित सारे होटलों के अपशिष्ट जूठे एवं अवशिष्ट पदार्थों के कारण ऐसी दुर्गति हुई है।

आपको बता दे कि पूर्व में यहाँ राजघराने के द्वारा बल्कि कहा जाए स्वयं राजा साहब के द्वारा इस तालाब में डाला गया कछुवा भी मृत पाया गया था और उसका भी कारण यही था कि प्रदूषण व अपशिष्ट पदार्थों से यह तालाब पूरी तरह से शराबोर हो चुका है। अपशिष्ट पदार्थों से दलदलिय हो चुका है अपशिष्ट पदार्थो के बहाये जाने से, इसका जिम्मेदार मुख्य रूप से सूरज होटल है जो होटल के सारे अपशिष्ट पदार्थ को तालाब में बहातें है।

और सारंगढ़ नगरपालिका से जनता जनार्दन मायूस तो हो ही चुकी है लेकिन नए कलेक्टर महोदय नगरपालिका व्यवस्थापन के लिए आयें है उनसे एक उम्मीद जगी है। और प्रशासन से जनता जनार्दन का यही गुहार है कि इस तालाब को प्रदूषण मुक्त कराया जाए।




