ग्राम पंचायत गुड़ेली में एनजीटी की नियमों का खनन माफियाओं द्वारा खुलेआम उड़ाई जा रही है धज्जियां देखें हमारी खास रिपोर्ट

जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़
Location सारंगढ़ गुड़ेली
जिला मुख्यालय से महज 17km स्थित ग्राम गुड़ेली में माइनिंग के बाद गड्ढों को फ्लाइ ऐश से भरने का काम खनन माफियाओं द्वारा किया जा रहा है लेकिन इन कंपनियों द्वारा गड्डों को फ्लाइ ऐश से पाटने के बजाय जांजगीर जिले की कंपनियों की फ्लाई ऐश से भरा जा रहा है। बेतरतीब तरीके से फ्लाइ ऐश डालने से बड़े पैमाने पर फ्लाई ऐश नदी में जाकर नदी के पानी को जहरीला बना रहा है। जिससे खनिज माफियाओं द्वारा मानव तथा जीव जन्तु के स्वस्थ के साथ खिलवाड़ किया जा रहा हैं| गुड़ेली ऐसा ग्राम पंचायत है जो कंपनियों व अधिकारियों का चारागाह बन चुका है। खास बात यह है कि जिला प्रशासन और पर्यावरण विभाग द्वारा किस आधार पर दूसरे जिले के कंपनी को यहां फ्लाई ऐश डालने की अनुमति दी गई है। अधिकारियों द्वारा चुप्पी का क्या रहस्य हैं ये जानने वाली बात है.? वही तटबंध बनाकर फ्लाईएश डंप करने के नियम के विरुद्ध खुले खदान मे फ्लाईएश डंप कर रही है जो लात नाला होते हुए महानदी में जा रहा है।
क्या है इसका नियम:-
फ्लाई एश डालने के लिए शासन के द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है लेकिन यहां खनन माफियाओं द्वारा एनजीटी की नियमों का धज्जियां उड़ती दिख रही हैं इसमे तीन फीट तक फ्लाई एश डालने के बाद 2 फीट मिट्टी डाला जाता है उसके बाद पानी का छिड़काव करने के बाद फिर फ्लाईएश डाला जाता है। इससे फ्लाइएश और मिट्टी का जुड़ाव बना रहता है तथा पानी और मिट्टी प्रदूषित नहीं होते है,
किन्तु सालासर कंपनी के द्वारा डाला जाने वाला फ्लाईएश से पूरा क्षेत्र फ्लाई एश से ढ़क गया है। यहां पर चारों ओर फ्लाई एश का धुंध बन गया है। सूबह से ही गहरा धुंध छा जा रहा है। नाम मात्र का पानी टैंकर वहा पर रखा गया है किन्तु उपयोग कुछ नहीं किया जा रहा है। लगभग एक दर्जन से अधिक कंपनी अपने फ्लाईएश को गुड़ेली में डम्प करने के लिए रोजाना ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के घर पर पहुंच कर एनओसी प्राप्त करने डोरे डाल रही है। इस फ्लाई एश के डंपिंग होने से सबसे ज्यादा नुकसान खदान होते हुए पानी का नाला में जाना तथा वहा से नाला का प्रदूषित पानी का महानदी मे जाना है। इस कार्य से महानदी पूरी तरह से प्रदूषित होने से रोका नहीं जा सकेगा। वही सूत्रों की माने तो कंपनी अपने आपको साफ बचाने के लिए प्रति टन 250 रुपए में फ्लाई एश को गुडेली के ही कुछ ग्रामीणों के नाम पर विक्रय दिखा रही है तथा इस फ्लाई एश को खदान में डाला जा रहा है। ऐसे मे पर्यावरण विभाग तथा खनिज विभाग द्वारा आज तक कोई उचित कार्यवाही नहीं किया गया हैं। आखिर क्यों अधिकारियों का यह मौन मानव, पर्यावरण तथा जीवजंतु के सांस रोकने को मजबूर है। खनिज माफियाओं के द्वारा जन जीवन के साथ खिलवाड़ का जिम्मेदार आखिर कौन।
खबर चलाने के बाद अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेंगे या फिर ऐसे ही अभयदान देते रहेंगे यह तो देखने वाली बात होगी











