कार्तिक पूर्णिमा पर दीपदान करने लोगों में दिखा उत्साह,अनेक डिजाइनों में दीये खरीदते दिखे लोग

ज़नाब खान की खबर
सरायपाली। कल पूरे अंचल में कार्तिक पूर्णिमा का पर्व मनाया जाएगा। कार्तिक मास को सभी महीनों में बेहद शुभ व फलदायी माना गया है। कार्तिक मास में दीप दान करने का विशेष महत्व रहता है। दीपदान के लिए लोग आज से ही तैयारी शुरू कर दिए हैं। बाजार में आर्टिफिशियल नाव खरीदने के लिए सुबह से शहर के कुछ दुकानों में भीड़ दिखी। कुछ ग्राहक नए नए आर्टिफिशियल नाव बनाने हेतु थर्माकोल भी खरीदते नजर आए। दीप दान करने के लिए बाजार में नए नए डिजाईनों के नाव उपलब्ध हैं, जिसमें दीया रखकर नदी या तालाब में बहाया जाता है।
हमेशा की तरह इस तरह बार भी दीपदान करने के लिए बाजार में विभिन्न प्रकार के नाव नए नए डिजाईनों में मिल रहे हैं। थर्माकोल एवं प्लास्टिक के बने नाव बाजार में 20 से 200 रूपए तक उपलब्ध हैं। मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान व दान करने से इस पूरे महीने किए गए पूजा-पाठ के बराबर फल मिलता है और व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है। कार्तिक महीना भगवान विष्णु को अतिप्रिय है। कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि कार्तिक मास में भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार लिया था। इस दिन स्वर्ग से देवतागण भी आकर गंगा में स्नान करते हैं। इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान जरूर करना चाहिए। हालांकि इस क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान के लिए जाना संभव नहीं है, इसी कारण लोग तालाब, नहर या घर पर ही पवित्र जल में गंगाजल मिलाकर स्नान कर लेते हैं। शहर के बस्ती तालाब में कार्तिक पूर्णिमा पर लोगों की भीड़ देखते ही बनती हैं। इसके साथ ही वार्डों के अन्य तालाबों में भी लोग प्रात: 4 बजे उठकर पूजा के लिए दिखाई देते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह का नजारा होता है। अधिकतर नदी नाला वाले क्षेत्र के किनारे लोग सुबह स्नान करते देखे जा सकते हैं।




