खबर का असर,
लक्ष्मी ब्रिक्स की जांच में गये वन विभाग के अधिकारी ,घास भूमि होने की वजह से तहसीलदार को दिया प्रतिवेदन..

सरायपाली:- ग्राम केंदुढार में प्रशासन के द्वारा एक ईंट भट्ठे को सील किए जाने के बावजूद उसके संचालक के द्वारा पीछे से वैकल्पिक रास्ता बना कर ईटों का परिवहन जारी रखा गया है और वैकल्पिक रास्ते को बनाने के लिए कई पेड़ों को भी काटा गया है. इस संबंध में ग्रामीणों की शिकायत पर हरिभूमि के द्वारा प्रमुखता से समाचार का प्रकाशन किया गया था, जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी इसे संज्ञान में लेते हुए जांच हेतु उक्त स्थान पर गए थे. अधिकारियों ने जांच के दौरान पेड़ों के काटने को तो सही पाया, लेकिन वह स्थान घास भूमि होने के कारण उनके कार्य क्षेत्र से बाहर का बताते हुए उनके द्वारा पंचनामा बनाकर तहसीलदार को प्रतिवेदन सौंपा गया है.

ग्राम केंदुढार में संचालित ईंट भट्ठा लक्ष्मी ब्रीक्स को प्रशासन के द्वारा सील किया गया है, लेकिन ईंट भट्ठा के संचालक ने सील किए जाने के बावजूद पीछे से एक वैकल्पिक मार्ग का निर्माण करवाया है, जिसके लिए कई पेड़ों को भी काटा गया है. इस संबंध में विगत दिनों हरिभूमि में समाचार का प्रकाशन किए जाने के बाद, वन विभाग वन परिक्षेत्र बसना व सरायपाली की टीम उक्त स्थल का निरीक्षण करने के लिए पहुंची हुई थी, जहां जांच के दौरान उन्होंने शिकायत को सही पाया. वैकल्पिक मार्ग को बनाने के लिए वहां 4 नग गोहिरा (बबूल), अचार 20 सेमी अंदर के 2 नग, पलास 1 नग, बेहड़ा 1 नग को बुखार आ गया है जो कि घटनास्थल पर ही पड़ा है. वन विभाग के द्वारा ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा बनाया गया एवं उक्त स्थान वन क्षेत्र का नहीं होने एवं राजस्व क्षेत्र का होने के कारण पंचनामा तहसीलदार को प्रेषित किया गया है.

इस संबंध में तहसीलदार ममता ठाकुर से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वे अभी सप्ताह भर से छुट्टी में हैं और सोमवार को आकर देखेंगे.




