सेवा सहकारी समिति मस्तूरी में फर्जी रकबा पंजीयन कर शासन को लाखों का लगाया चुना?

बिलासपुर – प्राप्त जानकारी के अनुसार मस्तूरी तहसील अंतर्गत आने वाले सेवा सहकारी समिति मर्यादित मस्तूरी में फर्जी रकबा पंजीयन मामला में एक चौकाने वाला बात सामने आया है जहां ऑपरेटर के द्वारा किसानो के रकबा बढ़ोतरी कर फर्जी रकबा पंजीयन करने का काम किया है और किसानों को बेजा लाभ दिलाया गया है आपको बता दें मस्तूरी समिति के प्रबंधक मनोज रात्रे नें दूसरे किसान के रकबा दूसरे किसान ID में फर्जी रकबा पंजीयन कर भ्र्ष्टाचार को अंजाम दिया है? वहीं किसानों के नाम पर बोनस के लालसा में आकर कंपनी जमीन को पंजीयन किया गया है
क्या कहतें है समिति ऑपरेटर

ज़ब उक्त फर्जी रकबा पंजीयन के बारे पूछा गया तो ऑपरेटर सुखसागर जांगड़े का कहना था की लापरवाही हुआ और कैरी फॉरवर्ड भी मेरे द्वारा ही हुआ है लेकिन फर्जी रकबा मैं नहीं चढ़ाया हूँ कह कर गोल मोल जवाब देने लगा।
मस्तूरी प्रबंधक मनोज रात्रे द्वारा जानबूझ कर फर्जी रकबा पंजीयन और भ्रष्टाचार किया गया है इस धांधली और भ्रष्टाचार पर जांच कर विरुद्ध व्यक्ति पर FIR दर्ज कर कार्यवाही उचित है।




