छेरछेरा लोकपर्व की धूम दिखी। गली मोहल्ले मे बच्चे घर-घर जाकर अन्न की मांग करते देखे गए।

सारंगढ़:-छेरछेरा पर्व को लेकर सारंगढ़ अंचल मे खासा उत्साह देखा गया। खासकर ग्रामीण अंचलों में जहां बच्चों की टोलियां उत्साह के साथ छेरछेरा पर्व को मनाते हुए घर-घर पहुंचकर अन्न दान लेने पंहुचे। मान्यता है कि इस पुस माह एवं त्योहार पर जो भी दान किया जाता है वह महादान होता है। इसका सुखद फल भी प्राप्त होता है।
रायगढ़ जिले के इलाके मे लोकपर्व छेरछेरा सोमवार को आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया। फसल के खेतों से खलिहानों में आने की खुशी और अच्छी फसल को लेकर आद्रा और पुर्नवसु नक्षत्र में लोक पर्व छेरछेरा मनाया जाने वाले इस पर्व मे बच्चों की टोली घर-घर जाकर अन्न मांगते है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन से ग्रामीण अंचलों में शुभ कार्यों की भी शुरुआत हो जाती है। छेरछेरा, माई कोठी के धान ल हेरते हेरा. जैसे पारंपरिक बोल के साथ छेरछेरा के दिन बच्चों की टोली घर-घर जाकर अन्न मांगती हैं। किसान भी खुले हाथों से बच्चों को अन्न का दान करते हैं। इस दिन लोक गीतों की भी बहार रहती है।




