चावल को खराब फटा बरदाना में रखने पर चावल हो रहे खराब,,दर्जनों अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं या मुंह में भरा है मलाई,जिसकी स्वाद से फटा हुआ बोरा नहीं पड़ रहा दिखाई!

सारंगढ़:-सारंगढ़ विकास खंड में लगभग 133 शासकीय उचित मूल्य की दुकाने संचालित है जहा की हालत एक फटे ढोल की तरह है जिसे कितना भी बजाय जाए आवाज़ नहीं आयेगा उसी तर्ज पर कितना भी भरपाई कर नहीं पाएगा ,क्योंकि यह हर महीने घाटे का सौदा पीडीएस संचालक को उठानी पड़ती है अधिकांश पीडीएस मे हर महीने 4 से 5 क्विंटल चावल का हो रहा है नुकसान आखिर कैसे, कौन है इसका जिम्मेदार,किस वजह से हो रही लाखो का नुकसान, इसे लाचारी कहे या लापरवाही गलती किसी और कि भुगतना किसी और को पड़ रहा है
सैकड़ों फटे बरदाने में चावल भरकर गोदाम में भरे जा रहे है


सारंगढ़ परिक्षेत्र की लाखो परिवार को शासकीय उचित मूल्य दुकान से चावल वितरण कर हितग्रहियों को लाभ दिया जाता है जहा लाभ हानि की इस खेल में जनता को तो लाभ मिल रहा है लेकिन हानि पीडीएस संचालक के सीर पर लाद रहे है हर महीने लगभग 350 से 400 बोरी चावल भरकर पीडीएस मे भेजा जाता है जिसमे से लगभग 100 से अधिक बोरी पूरी तरह से फट चुका है बोरी की हालत इतना खराब है कि जगह जगह फटे हुए है चावल डालते ही फटे हुए जगहों से नीचे गिरकर बर्बाद होता जा रहा है जिसका नुकसान संचालक को उठाना पड़ रहा है जगह जगह फटे पुराने के साथ दरारें पड़ चुका है जिसे लोड अनलोड करते समय और फटता जा रहा है और सबसे बड़ी बात आज भी वही वर्षो पहले बने बरदाने का इस्तेमाल आज भी किया जा रहा है 4 से 5 साल पुराना बरदाना मे आज भी चावल भरा जा रहा है दाना दाना उठा कर हितग्रहियों को बाटने के लिए मजबूर है विक्रेता ,
आखिर फटा ,खराब बरदाना की जिम्मेदारी किसकी है, अधिकारी क्यों अपनी आंखो मे अंधेरा का चश्मा लगाए बैठे है,
दर्जनों अधिकारी चुप्पी साधे बैठे है या मुंह में भरा है मलाई,जिसकी स्वाद से फटा हुआ बोरा नहीं पड़ रहा दिखाई




