शहर वासी मच्छरों के प्रकोप से परेशान

अधिकारी कर्मचारी सहित जनप्रतिनिधियों से आस, मगर जनता की सुध नही ले रहा कोई।
चुनाव में रह गए मात्र 6 महीने शेष।
सारंगढ़:- मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि न अगरबत्ती काम कर रहा है न और कुछ, रोकथाम के लिए शासन कई मशीन इत्यादि की व्यवस्था कर देता है पर बार बार बेवड़े को याद दिलाना पड़ता है स्वस्फूर्त कभी नही सोचता,हद है,, पीकर पड़ा होगा कहीं।।
अधिकारी कर्मचारी सहित जनप्रतिनिधियों से आस, मगर जनता की सुध नही ले रहा कोई
सारंगढ़ में आय दिन देखने को मिल रहा है कि जगह जगह में कचड़ा फैला रहता है जिससे शहर में रहने वाले व्यक्ति को इसका सामना करना पड़ता है। दिन हो या साम हो या रात मच्छरों का सामना करना पड़ ही जाता है और बीमारियों से उलझना पड़ता है ये सब मात्र एक ही कारण है शहर में फैला हुआ गंदगी जगह जगह में कचड़ा,जिससे मच्छर कॉक्रोज इत्यादी घातक जीव पनपते है। आप सारंगढ़ के अंदर कही भी जा कर देख सकते है चाहे बस स्टैंड हो या इत्यादी गली मुहल्ला हो।इन सब का पूछ परख रखने वाला कोई नही ,अधिकारी तो अधिकारी,ओ जनप्रतिनिधि भी जिससे जनता एक आस से वोट डालकर जिताये रहते है कि कुछ विकास करेगा। लेकिन 5 साल तक तो मौज कर दिए न गली सुधरा न मुहल्ला और न ही अधिकारी।।
चुनाव में रह गए मात्र 6 महीने शेष
सारंगढ़ नगरपालिका चुनाव में मात्र 6 माह शेष है अब देखना यह है कि कौन कौन से जनप्रतिनिधि सामने आते है जो 5 वर्ष मौज किये है।
क्या गली मुहल्ले साफ थे ?
क्या गली मुहल्ले साफ है ?
क्या गली मुहल्ले साफ होगा?
क्या गली मुहल्ले साफ रहेगा?




