सावधान! प्यास बुझाने वाला पानी परोस रहा बीमारी: बस्तर पैकेजिंग ड्रिंकिंग वाटर के पाऊच में निकला कचरा!

सारंगढ़-बिलाईगढ़ | स्वच्छ पेयजल के नाम पर जनता की सेहत से खिलवाड़ करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरसींवा विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम रायकोंना में ‘बस्तर पैकेजिंग ड्रिंकिंग वाटर’ के पानी पाऊच में भारी गंदगी और कचरा देखा गया है।
शुद्धता का दावा करने वाली कंपनी की इस घोर लापरवाही ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पानी को लोग अपनी प्यास बुझाने और सुरक्षित रहने के लिए खरीदते हैं, वही अब जहर के समान साबित हो रहा है।
सेहत से ‘गंदा’ मजाक
पाऊच के भीतर तैरते कचरे और गंदगी को देख लोगों में भारी आक्रोश है। जानकारों और चिकित्सकों का मानना है कि इस तरह का दूषित पानी स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। इसके सेवन से:
पेट का गंभीर संक्रमण
उल्टी और दस्त (डिहाइड्रेशन)
टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

स्थानीय नागरिक
यह सिर्फ एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि आम जनता की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है। अगर कोई बच्चा या मासूम अनजाने में इस पानी का सेवन कर ले, तो उसकी जान पर बन सकती है।”
प्रशासन की चुप्पी और जिम्मेदारी से भागते संचालक
हैरानी की बात यह है कि मिनरल वाटर के नाम पर मोटी कमाई करने वाली कंपनियां मानकों को ताक पर रखकर कचरायुक्त पानी बाजार में खपा रही हैं। ग्रामीणों ने अब प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस गंभीर विषय में जब संबंधित व्यक्ति/संचालक को दूरभाष (फोन) के माध्यम से संपर्क करना चाहा, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया जिससे उनकी जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मुख्य सवाल:
1. क्या इन पानी प्लांटों की नियमित जांच होती है?
2. लाइसेंस देने के बाद विभाग आख़िर अपनी आंखें क्यों मूंद लेता है?
3. जवाबदेही से बचने वाले इन संचालकों पर प्रशासन क्या एक्शन लेगा?
बस्तर पैकेजिंग ड्रिंकिंग वाटर की यह लापरवाही चेतावनी है कि हम बाजार से मिलने वाली हर ‘पैकेज्ड’ वस्तु पर आंख बंद करके भरोसा न करें। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद से जागते हैं या फिर किसी बड़ी महामारी का इंतजार करेंगे।



