घरघोड़ा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर नन्हें वैज्ञानिकों ने बिखेरी प्रतिभा की रोशनी।

घरघोड़ा। शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम अ.जा. मोहल्ला, घरघोड़ा में Azim Premji Foundation के सहयोग से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उत्साह और नवाचार के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विज्ञान एवं गणित विषय पर आधारित स्टॉल लगाकर कक्षा में किए गए प्रयोगों के आधार पर अपनी शोध, सीख और समझ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि अनुविभागीय दंडाधिकारी घरघोड़ा श्री डी.पी. अधिकारी, जनपद सीईओ श्री विनय चौधरी, नायब तहसीलदार श्री सहोदर राम पैकरा सहित शिक्षा विभाग से विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री शशिधर निषाद, विकासखंड स्रोत समन्वयक (बीआरसीसी) श्री मनोज कुमार प्रधान, तमनार विकासखंड से संस्कृत व्याख्याता श्रीमती विजया पंडा, दृष्टि पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर श्री रितेश शर्मा, फाउंडेशन से श्री परमानंद साहू व श्री आरिफ मोहम्मद, शासकीय प्राथमिक शाला कंचनपुर से सरिता गुप्ता, स्थानीय पार्षद श्री संजय डोंडे, शाला विकास समिति के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, शिक्षाविद, पालकगण, पूर्व छात्र-छात्राएं व शिक्षकगण उपस्थित रहे।

अतिथियों ने बच्चों द्वारा लगाए गए विज्ञान स्टॉल का अवलोकन किया, स्वयं प्रयोग कर उनके पीछे के वैज्ञानिक कारणों पर चर्चा की तथा नन्हें वैज्ञानिकों का उत्साहवर्धन किया। विद्यार्थियों ने पौधों की वृद्धि एवं प्रकाश संश्लेषण, जल शुद्धिकरण, चुंबक के आकार-प्रकार का अध्ययन, पौधों व पुष्पों के अंग, पृथक्करण की विधियां, विद्युत जनित्र, पदार्थ की अवस्थाएं, ध्वनि तरंग, खाद्य आदतों के अनुसार जीवों का वर्गीकरण, अम्ल-क्षार की अवधारणा, आंखों का भ्रम, विद्युत चालकता परीक्षण, भूकंप चेतावनी यंत्र, सौर मंडल, इलेक्ट्रोप्लेटिंग आदि विषयों पर शोध-आधारित प्रयोग प्रस्तुत किए।
गणित अनुभाग में दैनिक जीवन में क्षेत्रफल का प्रयोग, पहाड़ा सीखने की सरल विधि, संख्याओं का खेल, द्वि-आयामी व त्रि-आयामी आकृतियां, छोटे-बड़े-बराबर की पहचान तथा भिन्न की समझ को रचनात्मक ढंग से प्रदर्शित किया गया।
एसडीएम श्री डी.पी. अधिकारी ने स्माइली बैज से स्वागत को सराहते हुए कहा कि बच्चों का आत्मविश्वास और प्रयोगात्मक प्रस्तुति प्रेरक है। श्रीमती विजया पंडा ने इसे रटंत शिक्षा से परे स्व-अर्जित ज्ञान की मिसाल बताया। श्री रितेश शर्मा ने अनुशासन और “यह जादू नहीं, विज्ञान है” शीर्षक के अम्ल-क्षार प्रयोग की विशेष प्रशंसा की, जो अंधविश्वास से विज्ञान की ओर प्रेरित करता है। बीआरसीसी श्री मनोज कुमार प्रधान ने “करके सीखना” को विज्ञान शिक्षण का मूल बताया। सरिता गुप्ता ने इसे अनुकरणीय पहल बताते हुए अपने विद्यालय में अपनाने की इच्छा व्यक्त की। पालकगणों ने बच्चों की निर्भीक प्रस्तुति और शोध पत्रिकाओं की सराहना करते हुए वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होने पर प्रसन्नता जताई।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरण श्री रितेश शर्मा, श्रीमती विजया पंडा, श्री संजय डोंडे एवं श्री आरिफ मोहम्मद के करकमलों से संपन्न हुआ। विद्यालय की प्रधान पाठिका श्रीमती रीति पंडा ने Azim Premji Foundation का सहयोग हेतु आभार व्यक्त करते हुए आयोजन की सफलता का श्रेय स्टाफ सदस्य श्रीमती लीना सिंह एवं श्रीमती मनीषा राठिया सहित समस्त शिक्षकों और विद्यार्थियों को दिया।



रिपोर्ट – सुनील जोल्हे



