सारंगढ़, ग्राम पंचायत बरभाठा में पहुँची जाँच टीम,मनरेगा के कार्य व मापदंडों एवं दिशा निर्देश में किया था उल्लंघन।

सारंगढ़:-सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरभाठा के आश्रित गांव रामपुर में सरपंच दूजबाई सिदार के द्वारा लेवा तालाब में मनरेगा के तहत स्वीकृत गहरीकरण कार्य मे मनरेगा के मापदंडों एवं दिशा निर्देश का उल्लंघन करते हुए घोर वित्तीय अनियमितत धांधली की गई है जिसकी शिकायत विगतदिनों जिला कलेक्टर से किया गया था जो अब तक कुछ कार्यवाही भी नहीं हो पाई है विगत दिनों जांच टीम गठित होने के बाद भी अब तक जांच नहीं हो पाई है
वहीं शिकायतकर्ता ने आवेदन के माध्यम से बताया कि कार्तिका दास पिलाऊ भूरी बाई त्रिलोचन किशन चंद्रा खेमराज आदि का कहना है कि की तलाब में 20 वर्ष बाद गांव के किसानों द्वारा अपने अपने स्वयं के खर्च पर तलाब की काप मिट्टी को निकाली जाकर अपने अपने खेतों में पूर्व ग्रामीणों परंपरा अनुसार खातू मिट्टी लिया गया था वही गांव के किसानों द्वारा उक्त तालाब के पुराने जमे हुए कांप मिट्टी खातू मिट्टी की लगभग 4 फीट गहराई तक जमा हुई थी उसे किसानों के द्वारा निकालकर गांव के तालाब की साफ सफाई की गई
वही कार्य को मनरेगा के तहत गहरीकरण किया जाना दर्शाकर सरपंच द्वारा मास्टर रोल में जॉब कार्ड धारी मजदूरों का नाम मात्र की हाजरी दर्शाकर रकम गबन की गई है जबकि उक्त तालाब में कोई मानव श्रम एवं गहरीकरण सरपंच द्वारा शासन से स्वीकृत राशि से नहीं की गई है मनरेगा की राशि फर्जी मस्टररोल बनाकर सरपंच द्वारा पद का दुरुपयोग कर गबन की गई है जो शासन एवं गांव के लोगों के आंखों में धूल झोंकने का ही कार्य हुआ है उन्होंने आगे बताया कि तालाब के चारों तरफ सुरक्षा दिवाल हेतु जेसीबी मशीन से न्यू खोदकर पत्थर का दीवाल दी गई है
जबकि मनरेगा मैं जॉब कार्ड धारी गांव के ही मजदूरों शारीरिक श्रम मानव लिया जाना चाहिए जिसका कोई पालन सरपंच द्वारा नहीं किया गया है वही मनरेगा रहेगा अथवा कोई भी शासकीय कार्य योजना के संबंध में मद एवं स्वीकृत राशि कार्य की अवधि आदि दशीत की जाने वाली वृहद साइन बोर्ड कार्यस्थल में शहद दृश्य स्थान में लाया जाना चाहिए वहां साइन बोर्ड अभी सरपंच द्वारा नहीं लगाई गई है सिर्फ कागज फर्जी मनरेगा बिल बनाकर सरपंच द्वारा रकम हड़प ली गई है वही गांव में एक अन्य जगह नाली निर्माण मनरेगा के तहत की गई है उसे भी मानव श्रम से ना लेकर जीसीबी मशीन से नाली खोदकर फर्जी बिल वाउचर के जरिए मनरेगा के एक अन्य अतिरिक्त कार्य के भी राशि गबन की गई इस तरह से शिकायत हमारे द्वारा पूर्व में किया गया था जो अब तक सरपंच के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई है सिर्फ सूचना आई है जांच टीम गठित की गई है और ना तो अब तक जांच नहीं हो पाई है
जांच टीम गठित लेकिन अब तक जांच नहीं
विगत दिनों ग्राम वासियों द्वारा तालाब गहरीकरण के शिकायत जिला मुख्यालय में किया गया था जो विगत दिनों जांच टीम का आदेश भी दी गई है जो अब तक जांच नहीं हो पाया है जिससे ग्राम वासियों में आक्रोश है वही ग्राम पंचायत बरभाठा आश्रित ग्राम रामपुर के तालाब में गहरीकरण की शिकायत की गई है जिससे जांच अधिकारी जगन्नाथिया प्रसाद सोनवानी जनपद पंचायत एवं हुलसी पटेल तकनीकी सहायक मनरेगा को तीन दिवस के भीतर अधोहस्ताक्षरकता के समक्ष जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया गया था लेकिन अब तक जांच नहीं हो पाई।
कोरोना मरीज ने भी मनरेगा के तहत किया काम
वही गांव वालों ने कहा कि यहां तालाब किसी भी तरह की मनरेगा यह तहत कार्य नहीं किया गया है तो सरपंच द्वारा फर्जी मस्टररोल लगाकर कोरोना पॉजिटिव का भी नाम उसमें मास्टर रोल में डाल दिया गया है अघोरी लाल सूरज बाई आदि लोग करोना पॉजिटिव थे उनका भी नाम मनरेगा के तहत उनका भी नाम मरेगा मजदूरी में नाम चड़ाकर रुपया निकाल लिया गया है।
क्या कहते है जनपद सीईओ अभिषेक बनर्जी
अभिषेक बनर्जी जनपद पंचायत सीईओ सारंगढ़
यह शिकायत मेरे पास भी आया था जिसके लिए मेरे द्वारा जनपद पंचायत अधिकारी को सूचना दे दी गई थी लेकिन अब तक जांच नहीं हो पाया है इस संबंध में एक बार और अधिकारि से चर्चा करता हूं।




