गुड़ेली टिमरलगा के 10 खादानों की कब होगी जॉच, कलेक्टर के बाद छ. ग.उप मुख्यमंत्री को दिया गया आवेदन।

छ. ग. शासन हमेशा सुशासन की बात करती है, मगर सारंगढ़ के अधिकारियों उसे धुंधली करने में लगे है

सारंगढ़ बिलाईगढ़ – सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के ग्राम पंचायत टिमरलगा गुड़ेली गौण खनिज से भरपूर है। और हर साल लाखों करोड़ों रुपए राजस्व के संपत्ति में वृद्धि हो रहा है । लेकिन कुछ बड़े साहब खनिज का दोहन कर के अपने जेब भर रहे है। यहां कुछ राजनीति पार्टी से जुड़े हैं तो कुछ बड़े पैसे वाला जो सीधे उच्च अधिकारियों से जुड़े हुए हैं इनको अवैध रूप से खनन, परिवहन, रॉयल्टी जारी करना उनके बाएं हाथ का खेल है विभाग इनके पूरी तरह से वश में है। ये केवल भ्रष्टाचार नहीं जानता के भरोसे का हत्या भी हो रहा है। अब अधिकारियों से जनता का भरोसा उठने लगा, शिकायत करने पर भी सारंगढ़ में बैठे अधिकारी शिकायतकर्ता से बात भी अभी तक नहीं किए हैं जिससे शिकायतकर्ता के मन में रखा दफा होने की आशंका बनी है। लेकिन इसी बीच में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव 03 जुलाई को सारंगढ़ दौरा में थे । इसी बीच शिकायतकर्ता पुनः गुड़ेली टीमरलगा के 10 खदानों को जांच करने का आवेदन किए हैं।
अपर कलेक्टर ने खनिज विभाग को जांच का दिया आदेश, खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा ने अब तक जांच का तारिक तय नहीं, मगर क्यों?
सूत्रों से प्राप्त मिली जानकारी के अनुसार अपर कलेक्टर श्री श्रवण कुमार टंडन ने शिकायत के उपरांत खनिज विभाग को जांच करने का आदेश दिया ,वहीं खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा ने खनिज विभाग के दीपक पटेल को जांच करने का आदेश दिया गया। परंतु अब तक खनिज विभाग द्वारा जांच के लिए तारीख तय नहीं की है , सवाल क्यों, लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि शिकायत हो गई उच्च अधिकारी को जानकारी भी हो गई लेकिन अब तक जांच करने के लिए अधिकारी नहीं पहुंचे , न ही तारिक तय हुए। सवालों के घेरा में सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के खनिज अधिकारी बजरंग पैकरा के विचारों पर आता।
लिखित 10 खदानों की शिकायत, कितना हुआ खनन, कितना मिला रॉयल्टी, लीज के नाम पर कितना भंडारण क्रेशर संचालित

लीज खदानों के नाम से चल रहे हैं अवैध धंधा, लीज के नाम से लाखों करोड़ों रुपए का राजस्व की संपत्ति को क्षति पहुंच रहा है। शासकीय कागजात में तो शासन से लीज दिए गए हैं लेकिन वास्तविक जगह में जाकर निरीक्षण किया जाए तो साफ-साफ पता चल जाएगा की लीज के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए का सरकार को चूना लगाया जा रहा है तथा साथ ही साथ रॉयल्टी दबा कर बेच रहे है तथा अन्य क्रेशर को अपने लीज के नाम पर सहमति भी दे रहे हैं एक तो स्वयं अवैध धंधा चल रहे हैं साथ ही साथ दूसरे क्रेशर को भी अवैध धंधा संचालित करने का अनुमति दे रहे हैं अगर विभाग गहराई से जांच करें तो कई क्रेशर खदान का काला चिट्ठा सामने आयेगा। इन खदानों को जांच के लिए कलेक्टर एवं डिप्टी सीएम अरुण साव को आवेदन दिया गया है। जगदम्बा स्पंज प्रा. लिमिटेड – निदेशक: शिव अग्रवाल, रायगढ़
खसरा: 479, 469/2 घ, 471, 475/3, आदि।
श्री श्याम मिनरल्स – प्रोप.: दीपक सिंघल, रायगढ़
खसरा: 128/3, 128/6
एस.एस. मिनरल्स – प्रोप.: श्यामलाल अग्रवाल, रायगढ़
खसरा: 386, 387/2, 396/2 घ आदि
छत्तीसगढ़ ट्रेड लिंक – प्रोप.: विवेक अग्रवाल, रायगढ़
खसरा: 128/1क
जगदम्बा स्टील एंड पॉवरटेक लि. – निदेशक: बालमुकुंद अग्रवाल
खसरा: 66/1, 67/1, 83/3, 415/1 के आदि
विनायक स्टोन क्रेशर उद्योग – प्रोप.: वर्षा बंसल
खसरा: 351/4, 352/145 आदि
मां नाथल दाई क्रेशर उद्योग – प्रोप.: शिव कुमार अग्रवाल
खसरा: 1146, 1147/1, 1148/2 आदि
केजरीवाल क्रेशर उद्योग – प्रोप.: सुशीला रतेरिया
खसरा: 347/2, 364/1, 365/1 आदि
मां भवानी मिनरल्स – प्रोप.: विनय कुमार गुप्ता
खसरा: 259/1 ख, 261/2 ख आदि
सिंघल क्रेशर उद्योग टिमरलगा – प्रोप.: गोपाल प्रसाद अग्रवाल
खसरा: 827/10, 11, 12 एवं 17
अपर कलेक्टर श्रवण कुमार टंडन
शिकायत को खनिज विभाग भेजा गया है मेरे द्वारा जानकारी लिया गया तो बताया गया की शिकायत की जांच करेंगे जिस पर अवैध पाई जाएगी तो कार्यवाहीकी जाएगी





