छर्रा शासकीय उचित मूल्य की दुकान में घोटाला ही घोटाला?

सारंगढ़:- ग्राम पंचायत छर्रा में विमला महिला स्व.सहायता समूह उचित मूल्य के दुकान में सरकार को लाखों रुपयों की चुना लगाया जा रहा है आपको बता की वहाँ 47.91क्विंटल चावल स्टॉक में घोषणा पत्र के माध्यम से बताया गया है आखिर में 47.91क्विंटल चावल स्टॉक में बताया क्यो जा रहा है कही ऐसा तो नही है कि वितरण करता के द्वारा राशनकार्ड धारक को चावल देते समय कम मात्र में या चावल में कटौति कर दिया जाता है,रही बात 47.91 क्विंटल चावल की तो सरकार के द्वारा मिल से उसी चावल को 32 रुपये प्रति कि.लो.ग्राम में खरीद कर दिया जाता है सही मायने में देखे तो 1,53,312 रु.अनुमानित राशि का विलमा महिला स्व.सहायता समूह के द्वारा सरकार को बड़ी रकम से चूना लगाया जा रहा है।
क्या कहतें है विमला महिला स्व.सहायता समूह के दुकान संचालन कर्ता

जब हमारे मीडिया टीम के द्वारा उचित मूल्य की दुकान राशन समान विक्रेता से दूरभाष के माध्यम के बात किया गया,तो उनके द्वारा बोला गया कि मेरे पास अभी स्टॉक में 47.91क्विंटल चावल मौजूदा स्थिति में हमेशा रहता है मै किसी भी वक्त कभी भी बता सकता हूँ।
उक्त स्थिति को जानने की कोशिश करें तो विमला महिला स्व.सहायता समूह में 47.91क्विंटल चावल स्टॉक में आया कहाँ से?
अगर चावल स्टॉक में है तो अधिकारी के द्वारा अतिरिक्त चावल इस समूह को क्यो दिया जाता है?
या कहीं ऐसा तो नही की संबंधित अधिकारी से इस समूह का इनसे तगड़ा सेटिंग हो?
ये तो रही बात चावल की
अगर बारदाना का बात की जाए तो 1075 बारदाना को भी बंदर बाट किया गया है बारदाना की सरकारी मूल्य देखा जाए तो 20₹ प्रति बरदाना है अंदाजा लगाया जाए तो 21,500+153,312 रूपये को गबन के ओर इशारा किया जा रहा है। संबंधित अधिकारी इस पर जांच कर उचित कार्यवाही कर घोटाला करने वाले समूह के ऊपर FIR दर्ज कर गबन राशि का भरपाई करवाएं।




