शासकीय उचित मूल्य की दुकान सतरेंगा में चना का गबन,धनसाय दुकान संचालक ने गरीबों के राशन पर डाला डाका।

सतरेंगा में राशन वितरण में बड़ी अनियमितता, गरीबों को चना से किया वंचित – ग्रामवासियों में गहरा आक्रोश
गरीबों के चने में धनसाय ने किया सेंधमारी
कोरबा – कोरबा जिला अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सतरेंगा में शासकीय उचित मूल्य की दुकान क्रमांक – 552001009 में दुकान संचालक द्वारा गरीब हितग्राहियों को चना वितरण में भारी गड़बड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। इस अनियमितता को लेकर गांव के सैकड़ों ग्रामीणों में नाराज़गी और असंतोष व्याप्त है।
हितग्राहियों ने बताया कि मार्च माह में प्रति राशन कार्ड में केवल 4 पैकेट चना वितरण किए गए है, जबकि शासन के रिकॉर्ड में 10 पैकेट वितरण दिखाकर 6 पैकेट चना क़ो गबन किया गया है अर्थात 6 पैकेट चना हितग्राहियों क़ो नहीं दिया गया है।
सतरेंगा ग्राम के राशनकार्ड हितग्राहियों ने यह भी बताया कि चना वितरण की गड़बड़ी कोई पहली बार नहीं हुई। पूर्व में भी राशन दुकान संचालक पर समय-समय पर कटौती और हेराफेरी के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
स्थानीय निवासी ने कहा –
“हम मेहनत-मजदूरी करने वाले गरीब लोग हैं। महीने में यही चना, चावल और किराना मिलता है जिससे हमारा घर चलता है। लेकिन शासकीय उचित मूल्य की दुकानदार हमें जान-बूझकर कम सामान देकर हमारे हिस्से का राशन खा रहा है। यह एक प्रकार की गंभीर समस्या है।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय राशन वितरण प्रणाली में इस तरह की लापरवाही और हेराफेरी से सरकारी योजनाओं की साख पर सवाल उठ रहे हैं। कोरबा जिला प्रशासन को इस मामले में सूक्ष्मता से जांच कर दोषी संचालक के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि गरीबों का हक सुरक्षित रह सके।
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कोरबा जिले में राशन कार्ड धारकों को चना वितरण में कटौती की जा रही है, जिससे कई हितग्राही परेशान हैं। यह समस्या पिछले कुछ महीनों से चल रही थी, और इसका कारण शासन स्तर पर चना आपूर्ति के लिए नए वितरक से अनुबंध न हो पाना बताया जा रहा था, लेकीन नवम्बर से लेकर मार्च के चना मार्च 2025 में एक साथ शासकीय उचित मूल्य की दुकानों क़ो आबाँटन किया गया है, वहीं चना क़ो सतरेंगा PDS संचालक ने हितग्राहियों के साथ आँख में चोली खेलते हुए हितग्राहियों क़ो 6 पैकेट चना क़ो गबन किया गया है! जबकि हितग्राहियों क़ो 5 माह का 10 पैकेट चना वितरण करना था।
खबर प्रकाशित होने के बाद क्या कुछ कार्यवाही होती है देखने वाली बात होगी।
यह खबर सिर्फ सच्चाई एवं धांधली क़ो उजागर करने के लिए प्रकाशित किया गया है।




