नगरपालिका कि बड़ी लापरवाही/ रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर भी कॉम्प्लेक्स में पसरा रहा गंदगी।

सारंगढ़ ‘पान पानी पालगी’ की नगरी सारंगढ में स्थानीय प्रशासन नगरपालिका सिर्फ और सिर्फ दुकान बनवाकर नीलामी करने में व्यस्त नजर आ रहे है। ये हम नही बल्कि सारंगढ़ स्थल के ‘कॉम्प्लेक्स’ चौक में बने वीरांगना झांसी की रानी की मूर्ति को देखने से ही नगरपालिका की विभाग की परिकल्पना किया जा सकता है। कॉम्प्लेक्स में बने वीरांगना झांसी की रानी की मूर्ति का माल्यअर्पण तो दूर की बात मूर्ति परिसर का साफ सफाई तक नही कर पाए नगरपालिका! अब सम्बन्धित विभाग जिम्मेदार होने के कारण भी अपनी जिम्मेदारी भूलकर ये कहना गलत नही होगा की कॉम्प्लेक्स बनवाकर नीलामी करने में मस्त मग्न है। हाल ही में बनाये गए 12 खोली की नीलामी किया गया लेकिन 11 कमरे को 10-10 लाख में नीलामी किये लेकिन 12 वां नम्बर के खोली को 4 लाख में नीलामी किया गया लगता है। यही से अब नगरपालिका पर प्रश्न चिन्ह लगना सम्भावित है कि कॉम्प्लेक्स में प्रशासन तंत्र इतनी बढ़ी वीरांगना की जयंती को कैसे में भूली होंगी।

महादेव की नगरी काशी की धरती पर जन्म लेने वाली वीरांगना 17 जून 1858 को अंग्रेजों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गयी थी। जिसकी वीरांगना स्थिति की मूर्ति बहुत सारे स्टेट जिले में बनाया गया है। जहाँ उनके जयंती पर वीरांगना रूप पर लगे मूर्ति को नमन करने तक नही पहुचे सरकारी तंत्र , अफसोस की बात यह की नगरपालिका समेत सरकारी तन्त्र तक रानी लक्ष्मीबाई के जयंती दिवस पर उनकी वीरांगना रूपी लगे मूर्ति स्थल कॉम्प्लेक्स पर नमन करने तक नही पहुंचे..पहुँचना तो दूर की बात कॉम्प्लेक्स में साफ सफाई कराना भी उचित नही समझे।

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