ग्राम पंचायत छुहिपाली में सरपंच व सचिव के मिली भगत से सरपंच ने अपने पति को दिया लाखों का मुनाफा!

सारंगढ़:-छत्तीसगढ़ सरकार पंचायत के विकास के लिए लाखों करोड़ो रुपये स्वीकृति कर रहा हैं जिससे हर पंचायत में विकास हो सके मुलभुत सुविधा जनता तकज़ पहुंच सके लेकिन कुछ पंचायत शासन के धन राशि का दुरपुयोग कर नियम को ताख में रख कर 14-15 वें वित्त जैसे योजनाओं में निजी स्वार्थ को देखते हुए अपने रिस्तेदारों के नाम जोड़कर परिवारिक फायदे लेने में अहम भूमिका निभा रहे हैं दरअसल पुरा मामला ग्राम पंचायत छुहिपाली का हैं जहाँ सरपंच अपने पति महेश्वर केवट व भतीजा किशन केवट के नाम से लाखों रुपये की राशि आहरण कर अपने पूरे परिवार को लाभ देकर गाँव को झुनझुना पकड़ा रहा है।
आप यहाँ पर देख सकते है राशनकार्ड का विवरण जिसमे मुखिया नवधा केवट पति महेश्वर केवट है

ग्राम पंचायत छुहिपाली में सरपंच व सचिव के मिली भगत से सरपंच ने अपने पति को दिया लाखों रूपये का लाभ।
आप देख सकते सरपंच किस प्रकार से स्वयं के पति और अपने परिवार को लाभ दिया है।
पति महेश्वर केवट को मजदुरी का भुगतान 69000/-
भतीजा किशन केवट को मजदूरी का भुगतान 49000/-
पति महेश्वर केवट को पैरा संकलन का भुगतान 20000/-
पति महेश्वर केवट को सार्वजनिक जगह साफ सफाई 15000/-
सरपंच नवधा ने खुद को लाभ पहुँचाने के मंसा से अपने पति के नाम से बिल सम्मिट कर उक्त तथ्य को अंजाम दिया है। जो कि 1993 पंचायती राज अधिनियम के धारा 40 के अंतर्गत आता है और धारा 40 को खुली चुनावती दे रहें हैं। अब देखना यह है कि सारंगढ़ जनपद पंचायत के अधिकारी कर्मचारी का इस पर देखने का नजरिया क्या रहता है। और ग्राम पंचायत छुहिपाली सरपंच के खिलाफ क्या कार्यवाही होता है।




