समाज के अधिकारी को प्रताड़ित करना!बर्दाश्त नही करेगा सतनामी समाज!

SDOP जितेन्द्र खूंटे के खिलाफ एक अधिकारी के कहने पर कुछ कथित पत्रकारो द्वारा रचा जा रहा हैं कूट रचना!
सारंगढ़ : बिहार के चुनाव में एक गाना जमकर फेमस हुआ था! बिहार में का ब? इस गाने का मतलब था आखिर बिहार में क्या हैं! सच बताऊ तो बिहार का तो पता नही पर सारंगढ़ में क्या हो रहा हैं ये लगभग सभी को पता हैं! अब एक नया मामला फिर से सामने आया हैं! जन्हा एक पत्रकार ने SDOP जितेन्द्र खूंटे पर गाली गलौज करने का आरोप लगाया है! जबकि SDOP खूंटे ने इस आरोप को एक सिरे से गलत बताते हुए! कहा की मुझे कुछ लोगो द्वारा टारगेट किया जा रहा हैं ! इनका मकसद मेरे छवि को धूमिल करना ही हैं! मेरे द्वारा किये गए कार्यवाही को हमेशा गलत ठहरा कर मुझे गलत साबित करना ही इनका मकसद हैं! इसे मै भी समझ नही पा रहा हूँ! जबकी भरत अग्रवाल व एक अन्य को मेरे द्वारा एक शिकायत पर बयान के लिए बुलाया गया था! पर भरत अग्रवाल मुझसे बत्तमीजी करते हुए बिना बयान दिए कार्यलय से चला गया! मैंने उसके साथ कोई गाली गलौज नही की हैं! मुझे शनिवार को शाम को पता चला की मेरे खिलाफ भरत अग्रवाल ने थाने में शिकायत किया हैं!
क्या हैं पूरा मामला!
अब आपको बताते हैं आखिर ये पूरा मामला हैं क्या! केडार के जन चौपाल में साहू समाज ने पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से शिकायत की थी !की समाज के भवन को लेकर उनके समाज को तीन पत्रकारों द्वारा परेशान किया जा रहा हैं और पैसे की मांग की जा रही है! आवेदन के जांच लिए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने SDOP जितेन्द्र खूंटे को मार्क किया! और इसी शिकायत के बयान के लिए भरत अग्रवाल व एक और व्यक्ति को सारंगढ़ SDOP ने बयान के लिए बुलाया था! और वंहा से निकलने के बाद भरत अग्रवाल ने सारंगढ़ थाने में SDOP के खिलाफ गाली गलौज करने का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करा दिया!
साहू समाज ने क्या कहा इस मामले में……
वही इस विषय में साहू समाज का कहना हैं की हां हमारे द्वारा तीन पत्रकारों के खिलाफ केडार जन चौपाल में पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह से शिकायत किया गया था की तीन पत्रकार समाज के भवन को लेकर भवन के बारे में अर्नगल समाचार प्रकाशित कर रहे हैं साथ ही पैसो की मांग कर रहे हैं जिसमे भरत अग्रवाल भी शामिल हैं! हमें लगता हैं जांच में बाधा डालने के लिए भरत अग्रवाल द्वारा झूठी रचना रच के SDOP जितेन्द्र जी खूंटे जी को बदनाम किया जा रहा है!
सारंगढ़ SDOP जितेन्द्र खूंटे ने अपने ऊपर लग रहे आरोप को लेकर क्या कहा देखिये!
वही इस मामले में सारंगढ़ पत्रकार का एक बड़ा तपका SDOP जितेन्द्र खूंटे के साथ नजर आ रहा हैं…उनका कहना हैं की हम सच के साथ हैं!
सारंगढ़ पत्रकार का एक बड़ा तपका सच के साथ!वही इस मामले में सारंगढ़ पत्रकार का एक बड़ा तपका भी SDOP खूंटे के साथ खड़ा नजर आ रहा हैं! पत्रकारों से हुई चर्चा में पत्रकारों ने बताया की! यह पूरी कहानी एक अधिकारी के कहने पर हो रही हैं! और जिस पत्रकार ने शिकायत की हैं! वह पत्रकार उस अधिकारी का ख़ास हैं! SDOP जितेन्द्र खूंटे ने हमेशा गलत चीजो का विरोध किया हैं! जो एक अधिकारी को पसंद नही आ रहा हैं! इसी लिए बार बार उन्हें कुछ न कुछ मामलों में फसा कर मानसिक प्रताड़ना किया जा रहा हैं!
SDOP जितेन्द्र खूंटे पर लग रहे झूठे आरोप को लेकर सतनामी समाज में भी आक्रोश! सतनामी समाज के अध्यक्ष ने कहा समाज के अधिकारी के साथ गलत बर्दाश्त नही किया जायेगा!

वही अब ये मामला समाजिक रूप भी ले चूका हैं! सारंगढ़ सतनामी समाज के अध्यक्ष देव प्रसाद कोसले हमेशा अपने बेबाक स्टेटमेंट और निर्भीकता के लिए जाने जाते हैं! समाज के किसी भी व्यक्ति के खिलाफ गलत होता देख वो फ्रंट में आकर लड़ाई लड़ना पसंद करते हैं! रविवार को देर शाम उनके द्वारा शोसल मिडिया में एक पोष्ट जारी किया गया हैं! जो साफ़ साफ़ दर्शा रहा है! की समाज के अधिकारी के खिलाफ की जा रही कूट रचना को सतनामी समाज बर्दाश्त नही करेगी! उन्होंने ने अपने स्टेटमेंट में लिखा है! विगत कुछ वर्षों से अनुसूचित जाति के अधिकारियों पर कुछ तथा कथित पत्रकारों द्वारा घोर जातिवादी घृणित मानसिकता के लोग टारगेट कर उनके विभागीय कर्योम व्यवधान कर प्रताड़ित करते रहते हैं!पिछला घटना को याद के तौर पर एक अधिकारी को उनके कार्यालय में अनेक पत्रकार द्वारा मार पीट कर अस्लिल हरकत जातिगत गाली गलौज करते कार में जबरदस्ती घसीट कर अन्यत्र जगह ले जा कर अधिकारी को निर्वस्त्र कर उठक बैठक करवा कर कान पकड़ कर माफी मंगवाया गया इस तरह के घटना होते रहता है जो सार्वजनिक नहीं हो पाता किसी अधकारी के चैंबर में बिना परमिशन जा कर मिस विहेब करना ये भी दंडनीय अपराध है हमारे धैर्य का इम्तिहान न लो अभी भी हमारा जख्म हरा है वक़्त आने पर सुद सहित चुकता भी किया जा सकता है!अपने स्वयं के पूर्व कृत्य को देख कर दूसरों को झूठा ब्लेम न लगाएं अन्यथा क्रांतिकारियों की कमी नहीं है!
कथित पत्रकार भरत अग्रवाल का एक आडियो भी जमकर वायरल हो रहा हैं! जिसमे वो एक पुलिस कर्मचारी को अपने पत्रकारिता का रौब दिखाते हुए ! SDOP मेरा टारगेट हैं बोलता सुनाई दे रहा हैं!



