सारंगढ़ में अवैध पटाखों का स्टाक अतिशबाज है सक्रिय प्रशासन है मौन

सारंगढ़//चंद्रिका भास्कर की रिपोर्ट:- हर वर्ष दीपावली के त्योहार पर जिले में करीब ढाई सैकड़ा से अधिक अस्थायी लाइसेंस 15 दिन के लिए जारी किए जाते हैं। जबकि ये लाइसेंस लेने से पहले ही कई आतिशबाज शहर में बड़ी मात्रा में आतिशबाजी का भंडारण कर लेते हैं। वहीं प्रशासन द्वारा प्रतिवर्ष नियमित रूप से लाइसेंस लेने वाले आतिशबाजों के स्टॉक चेक नहीं किए जाते हैं, जिससे सारंगढ़ में सिर से विस्फोट का खतरा टल नहीं पा रहा है।
जिला प्रशासन ने आतिशबाजी के निर्माण और बारूद के स्टॉक के लिए सिर्फ एक स्थायी लाइसेंस जारी किया है। इसके अलावा दीपावली के अवसर पर पटाखों का कारोबार करने के लिए जिला प्रशासन प्रतिवर्ष करीब ढाई सैकड़ा से अधिक लोगों को 15 दिन के लिए अस्थायी लाइसेंस जारी करता है। ऐसे में लाइसेंस के लिए एप्लाई करने वाले अधिकांश: आतिशबाज पहले से ही आतिशबाजी का स्टॉक कर लेते हैं।
वहीं दीपावली पर्व संपन्न होने के बाद इनके द्वारा कितना माल बेचा गया और कितना उनके पास बचा है यह भी प्रशासन द्वारा कभी चेक नहीं किया जाता है। सूत्रों की मानें तो शहर में कई आतिशबाज ऐसे हैं जिनके पास बड़ी मात्रा बारूद का भंडार है। जबकि प्रशासन इस ओर कतई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि सवाल यह उठता है कि जब ये लाेग हर वर्ष इतनी बढ़ी संख्या में लाइसेंस लेने के लिए आवेदन करते हैं तो उन स्थायी लाइसेंस लेने के लिए दबाव क्यों नहीं बनाया जाता। साथ ही इनके पास कितना बारूद रखा हुआ है इसकी नियमित जांच क्यों नहीं की जाती।




