माधोपाली,मनरेगा कार्य में भारी अनियमितता!

सारंगढ़ – सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के सारंगढ़ जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत माधोपाली में महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से स्वीकृत सिचाई नाली में भारी भ्रष्टाचार करने का मामला सामने आया हैं आपको बता दें ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा कार्य से स्वीकृत सिचाई नाली को बनाने के लिए ठेकेदार को ठेके पर दे दिया गया है जबकि महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के निर्माण कार्य को पंचायत के ही व्यक्तियों (गरीब मजदूर वर्ग) के द्वारा कार्य किया जाना रहता है मनरेगा कार्य का आशय (उद्देश्य ) यही है की गाँव के गरीब वर्ग के व्यक्तियों को रोजगार देना है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण आजीविका सुरक्षा बढ़ाना। मनरेगा के नियमों का उल्लंघन कर ठेकेदार को कार्य दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को रोजगार नहीं मिल रहा है। एक तरफ सरकार दावा कर रहा है कि मनरेगा गरीब वर्ग के व्यक्ति के लिए बेहतर रोजगार साबित हो रहा है लेकिन कुछ पंचायतो के वजह से सीधा सरकार पर सवाल उठ रहा है!
कार्य स्थल में तकनीकि सहायक के अनुपस्थिति होने के कारण खराब सीमेंट,खराब रेती का उपयोग किया जा रहा, सिचाई नाली को बिना बेस दिए ढलाई कर,छड़ की क्वाटिटी पर सेंध लगाया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्य गुणवक्ताहिन हो रहा और कई अनियमितताएं देखने को मील रहा है
वहीं पंचायत ने मनरेगा कार्य को ठेके पर देकर ग्रामीणो के फर्जी मस्टर रोल जनरेट कर रहें है। रोजगार सहायक कार्य स्थल से नदारत रहते हुए भी सैकड़ो व्यक्तियों के फर्जी मस्टर रोल जनरेट कर रहा है!

JCB से खोदा गया सिचाई नाली?
मनरेगा को “वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिनों की गारंटीकृत मजदूरी रोजगार प्रदान करके ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका सुरक्षा में वृद्धि के उद्देश्य से शुरू किया गया था। महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के कार्य को गाँव के गरीब मजदूर वर्ग के व्यक्ति को रोजगार देने के लिए सरकार इस योजना को लागू किया है जिससे की गाँव के व्यक्तियों को रोजगार मील सके और बाहर प्लायन कारना न पड़े लेकिन ग्राम पंचायत माधोपाली के सरपंच और इससे संबधित अधिकारी कर्मचारी के द्वारा मनरेगा कार्य का उलंघन करते हुए JCB से सिचाई नाली खोदा गया, और गरीब मजदूर के हक पर JCB चलाया गया!
इस सम्बन्ध में सरपंच से पूछे जाने पर जवाब देने से बच रहें है।




