राष्ट्रीय महोत्सव ‘नाद मंजरी’ में सारंगढ़ के मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय का जलवा, छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम।

● कथक, शास्त्रीय गायन और तबला सोलो में बिखेरा प्रतिभा का जलवा, जीते कई पुरस्कार
● संस्था के गुरुजन भी ‘गुरु सम्मान’ से हुए सम्मानित
सारंगढ़ / बिलासपुर: – भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त संस्था ‘न्यूज़ हब इनसाइड केयर फाउंडेशन’ के तत्वावधान में बिलासपुर के कोनी रोड स्थित कृषि महाविद्यालय ऑडिटोरियम में चार दिवसीय राष्ट्रीय कला महोत्सव ‘नाद मंजरी‘ का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों के बीच सारंगढ़ के मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय (रानी सागर) के छात्र-छात्राओं ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने यह गौरवपूर्ण सफलता अपने गुरु व प्राचार्य एल.डी. वैष्णव एवं उप-प्राचार्य रुद्र प्रीति वैष्णव के कुशल सानिध्य में प्राप्त की है।
कथक नृत्य में बेटियों ने बढ़ाया मान
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में शास्त्रीय नृत्य कथक में महाविद्यालय की छात्राओं ने अपनी प्रतिभा से सबका दिल जीत लिया:
यामी वैष्णव को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नृत्य उदिता‘ सम्मान से नवाजा गया।
श्रेषा सुदन और प्रीति जायसवाल ने कड़े मुकाबले में प्रथम स्थान हासिल किया।
सनाया जैस्मिन एवं आरोही मुकीम ने शानदार प्रस्तुति देते हुए द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
विशेष जुगलबंदी: इन छात्राओं की कथक प्रस्तुति के दौरान पढ़ंत पर प्रीति वैष्णव, तबला संगत पर बिलासपुर के कला गुरु पंडित सुनील वैष्णव, रुद्र वैष्णव तथा गायन व हारमोनियम वादन पर रायपुर के लालाराम लुनिया ने अद्भुत साथ निभाया।
तबला सोलो और शास्त्रीय गायन में प्रथम स्थान की धूम
महाविद्यालय के होनहार छात्र-छात्राओं ने गायन और वादन विधा में भी शीर्ष स्थान प्राप्त कर अंचल का नाम रोशन किया:
1. तबला सोलो: अमरदीप कुर्रे ने तबला वादन में शानदार प्रस्तुति देकर प्रथम स्थान हासिल किया। उनके साथ हारमोनियम पर संगति स्वयं गुरु पंडित एल.डी. वैष्णव ने की।
2. शास्त्रीय गायन (प्रथम स्थान):
कुमारी श्रुति वैष्णव – राग अड़ाना में बंदिश ‘गागर मोरी भरन नहीं देते‘ की सुमधुर प्रस्तुति दी।
जसपाल रत्नाकर – राग दुर्गा में भजन देवी दुर्गे दयानी दया करो‘ गाकर मंत्रमुग्ध किया।
सुयश तिवारी – राग बिहाग में *’विनती सुनो मोरी’* की शानदार प्रस्तुति दी।
प्रकाश केवट – राग भूपाली में भव्य ‘गणेश वंदना‘ प्रस्तुत की।
3.शास्त्रीय गायन (द्वितीय स्थान):
सोनम साहू – राग यमन में छोटा ख्याल मधुर बजाई श्याम मुरलिया’ की मधुर प्रस्तुति देकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया।
गायन के इन सभी छात्र-छात्राओं के साथ तबले पर संगत स्वयं प्राचार्य एल.डी. वैष्णव ने की।
गुरुजनों का हुआ सम्मान, मिलीं शुभकामनाएं
नाद मंजरी कार्यक्रम के डायरेक्टर और न्यूज़ हब इनसाइड केयर फाउंडेशन के प्रधान संपादक श्री पंकज खंडेलवाल द्वारा संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय के मार्गदर्शक









प्राचार्य एल.डी. वैष्णव, गुरु प्रीति वैष्णव और गुरु रुद्र वैष्णव को ‘गुरु सम्मान’ से सम्मानित किया गया।
इस शानदार उपलब्धि पर मां वैष्णवी संगीत महाविद्यालय रानी सागर (सारंगढ़) एवं इसकी रायगढ़ शाखा के समस्त कला साधकों, उभरते सितारों और छात्र-छात्राओं को संस्था प्रमुख प्राचार्य एल.डी. वैष्णव सहित सभी वरिष्ठ गुरुजनों ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए आशीर्वाद प्रदान किया है।



