ग्राम करही महानदी में अवैध रेत उत्खनन व परिवहन जोरों पर, प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल।

सक्ती – जिले के हसौद तहसील क्षेत्र के ग्राम करही महानदी में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन का कारोबार चरम पर है। रेत माफिया खुलेआम महानदी से रेत निकालकर ट्रैक्टरों के माध्यम से बाहर डंप कर रहे हैं और बाद में उसे हाईवा वाहनों में लोड कर ऊँचे दामों पर बेच रहे हैं। इस अवैध कारोबार से प्रतिदिन लाखों रुपए का मुनाफा कमाया जा रहा है, जबकि शासन को भारी राजस्व हानि हो रही है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार
रेत माफियाओं ने माइनिंग और तहसील क्षेत्र के कुछ संबंधित अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर अवैध खनन का जाल फैला रखा है। बताया जा रहा है कि इस गोरखधंधे में शामिल लोग प्रशासनिक मिलीभगत के चलते बेखौफ होकर रेत निकाल रहे हैं। क्षेत्रवासी कई बार इस विषय की शिकायत फोटो और वीडियो सबूतों के साथ संबंधित विभागों तक पहुँचा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
प्रशासन की इस निष्क्रियता ने
लोगों के बीच नाराज़गी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक अधिकारियों और रेत माफियाओं के बीच की मिलीभगत पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह अवैध उत्खनन बंद नहीं होगा।
गौरतलब है कि पूर्व में इसी ग्राम करही
के तीन रेत माफियों को जांजगीर पुलिस ने जेल भेजा था, लेकिन उसके बाद भी रेत माफियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। इससे साफ़ जाहिर होता है कि अवैध उत्खनन व परिवहन के खिलाफ की गई कार्रवाई केवल दिखावटी रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि शासन इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए और अवैध रेत उत्खनन में शामिल सभी लोगों — चाहे वे माफिया हों या अधिकारी — पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि सरकारी राजस्व की हानि रोकी जा सके और क्षेत्र में कानून का भय कायम रह सके।





